महोबा। थाना श्रीनगर के तिंदौली गांव में हारे प्रत्याशी द्वारा अनुसूचित जाति के पूर्व प्रधान व पूर्व बीडीसी सदस्य समेत छह लोगों को अर्धनग्न कर मारपीट किए जाने के मामले में पुलिस की लापरवाही सामने आई चुनाव हारने के बाद हारे प्रत्याशी ने पूर्व बीडीसी सदस्य के साथ मारपीट की थी जिस की तहरीर थाने में दी गई थी लेकिन पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की थी। जिसके बाद हारे प्रत्याशी ने अनुसूचित जाति के 6 लोगों को बंधक बनाकर मारपीट की। तिंदौली गांव निवासी सुमत सिंह यादव पंचायत चुनाव में प्रधान पद पर विजई हुए थे। जबकि राम आसरे को हार का सामना करना पड़ा था। हार से बौखलाए राम आसरे ने पूर्व बीडीसी सदस्य महेश अहिरवार के साथ गाली गलौज करते हुए मारपीट की थी और चुनाव में वोट ना देने का आरोप लगाया था। घटना की तहरीर पूर्व सदस्य ने थाना श्रीनगर में दी थी लेकिन पुलिस ने जांच की बात कहते हुए टाल दिया था। रिपोर्ट दर्ज ना होने से हारे प्रत्याशी राम आसरे ने मंगलवार की शाम गांव के आधा दर्जन अनुसूचित जाति के लोगों को पंचायत के लिए अपने घर बुलाया और कमरे में बंधक बनाकर सभी के साथ मारपीट कर दी। जिससे गांव में दहशत का माहौल व्याप्त हो गया परिजनों को बचाने पहुंची महिलाओं के साथ भी अभद्रता की गई। ग्रामीणों का कहना है कि यदि पुलिस पूर्व सदस्य के साथ हुई मारपीट की घटना में कार्रवाई करती तो यह घटना नहीं होती। उधर थानाध्यक्ष संजय शर्मा का कहना है कि पूर्व में घटित हुई उन्हे किसी प्रकार की कोई तहरीर नहीं मिली है, इस मामले की जांच कराई जा रही है जल्द ही आरोपियों को सलाखों के पीछे भेजा जाएगा।