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मरीजाें पर भारी पड़ रही चिकित्सकों की मनमानी

Wed, 25 Mar 2015 11:46 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो महोबा।
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जिला अस्पताल में चिकित्सकों की मनमानी मरीजों पर भारी पड़ रही है। आलम यह है कि चिकित्सकों के हर रोज घंटाें देरी से जिला अस्पताल पहुंचने से मरीजोें को इंतजार करने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। वहीं तमाम मरीज बैरंग लौटकर प्राइवेट चिकित्सकों के यहां उपचार कराने के लिए मजबूर हैं। सोमवार को अमर उजाला की टीम ने सुबह नौ बजे जिला अस्पताल का जायजा लिया तो चिकित्सकों की ढुलमुल रवैये की पोल खुल गई।
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अस्पताल खुलने के समय से एक डेढ़ घंटा देरी से जिला अस्पताल पहुंचना चिकित्सकों की आदत बन गई है। जिसका खामियाजा मरीजों को इंतजार करके चुकाना पड़ रहा है। सुबह नौ बजे अमर उजाला की टीम ने जिला अस्पताल का जायजा लिया। लेकिन हैरत की बात यह है कि जिला अस्पताल खुलने का समय आठ बजे निर्धारित है, इसके बाद भी नौ बजे पहुंचने पर अधिकांश डॉक्टर अपने कक्षों से नदारद थे। जबकि बाहर बेंच पर बैठे मरीज उनकी राह ताक रहे थे। सुबह नौ बजे नेत्र चिकित्सक कक्ष में डॉ. एके सक्सेना, सर्जन कक्ष आरबी आर्या, डॉ. केडी गुप्ता, डॉ. गुलशेर सहित कई डॉक्टर कक्षाें से गायब थे। लेकिन साढ़े नौ बजे के बाद धीरे-धीरे सभी डॉक्टर कक्षाें में पहुंच गए। इलाज कराने आए शहर के डीएम बंगला के पीछे निवासी अशोक कुमार, रामनगर के चंद्रेश, अकठोहां से आए बाबूलाल, सुखलाल ने बताया कि वह सुबह आठ बजे से चिकित्सकों का इंतजार कर रहे हैं। लेकिन नौ बजने के बाद भी चिकित्सक नहीं पहुंचे। बताया जाता है कि दो चिकित्सक वार्डों का राउंड लगाते हैं। जिला अस्पताल के चिकित्सकों के मनमानीपूर्ण रवैये के चलते तमाम लोगों ने जिला अस्पताल आने के बजाए प्राइवेट चिकित्सकों के यहां जाना शुरू कर दिया है। देरी से जिला अस्पताल आने की चिकित्सकों की आदत में सुधार नहीं हो रहा है। जिससे नागरिकों में खासा आक्रोश है। यही वजह है कि प्राइवेट चिकित्सकों के क्लीनिकों में लोगाें की भारी भीड़ जुट रही है। वहीं चिकित्सकों के अधिकांश सुबह गायब रहने के कारण तमाम लोगों ने जिला अस्पताल जाना ही बंद कर दिया है।

जिला अस्पताल में कुल चार चिकित्सक हैं। जबकि एक ज्वाइनिंग के समय से ही अनुपस्थित चल रहे हैं। डॉक्टरों को सुबह अस्पताल आने के बाद वार्ड का राउंड लेना होता है। यदि चिकित्सक अपने कक्षों में नौ बजे तक नहीं बैठ पाते तो लोग इमरजेंसी वार्ड में जाकर उपचार करा सकते हैं।
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डॉ. उदयवीर, सीएमएस, जिला अस्पताल।
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