कबरई (महोबा)। जिले में स्वास्थ्य केंद्रों पर ताला लटकने से मरीज बिना इलाज के ही लौट रहे हैं। जिससे मजबूरी में वह निजी चिकित्सालय व झोलाछाप से इलाज करा रहे हैं।
विकासखंड के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कबरई का सिरसी कलां उपकेंद्र महामारी के समय भी महीने में महज दो चार दिन ही खुलता है। मंगलवार के दिन उपकेंद्र पर ताला लगा मिलने पर तथा उपकेंद्र के बाहर बैठे बीमार लोगों से बात करने पर पता चला कि यह उपकेंद्र आठ दस दिन में कभी एक बार खोला जाता है जबकि उपकेंद्र में एक एएनएम गीता शुक्ला के अलावा सिरसी कलां की तीन आशाएं अशोक,सरिता व सुनीता तथा ग्राम घंडुआ की आशाबहू रानी एवं सिरसी कलां की दो आंगनबाड़ी विमला व गोमती तथा घंडूआ की आंगनबाड़ी केतकी व न्यूरिया की आंगनबाड़ी वंदना के अलावा सहायिका मुलिया सहित उपकेंद्र में दस कर्मचारियों की नियुक्ति होने के बावजूद एक भी कर्मचारी उपकेंद्र में मौजूद नहीं रहते।
ग्रामीण पिंटू शर्मा, आशाराम व प्रमोद आदि लोगों ने बताया कि एएनएम तो महीने में कभी कभार आती हैं किंतु गांव में रहने वाली आशाओं व आंगनबाड़ी से भी गांव के लोगों को कोई स्वास्थ्य सुविधाएं मुहैया नहीं करवाई जाती हैं। वहीं एएनएम गीता शुक्ला का कहना है दूसरे गांवों में उनकी ड्यूटी लगा दी जाती है इस वजह से प्रतिदिन उपकेंद्र नहीं पहुंचती, उन्होंने बताया कि उपकेंद्र की चाबी गांव की आशाओं के पास ही रहती है।
धीमी है टीकाकरण की रफ्तार
कबरई। सिरसी कलां में 45 वर्ष से ऊपर आयु के 854 व्यक्तियों के सापेक्ष 310 एवं उपकेंद्र के घंडूआ गांव में 162 लोगों के सापेक्ष महज 20 लोगों ने वैक्सीन लगवाई है।(संवाद)