महोबा। वित्तीय वर्ष के अंतिम दिन अवकाश होने के बाद भी जिला कोषागार कार्यालय खुला रहा। एक दिन में सरकारी विभागों की ओर से शाम सात बजे तक विभिन्न मदों के तहत कराए गए काम का 35 करोड़ से अधिक का भुगतान कराया गया। वहीं, कई विभाग तो वित्तीय वर्ष में पूरा बजट ही खर्च नहीं कर सके। लोक निर्माण विभाग की ओर से 10 करोड़ रुपये का बजट सरेंडर किया गया।
रविवार को वित्तीय वर्ष की अंतिम तिथि होने के चलते सरकारी विभागों के कार्यालयों में भुगतान से संबंधित एक-एक फाइल को खोला गया। अधिकांश विभागों का जोर रहा कि बकाया बिलों का भुगतान 31 मार्च तक कराया जाए। शासन के निर्देश पर रविवार का अवकाश होने के बाद भी कलक्ट्रेट स्थित जिला कोषागार कार्यालय पूरे दिन खुला रहा। इस दौरान शाम सात बजे तक लघु सिंचाई विभाग की ओर से एक करोड़, बेसिक शिक्षा विभाग की ओर से दो करोड़, जिला पंचायती राज विभाग की ओर से छह कराेड़ और पीडब्ल्यूडी की ओर से 10 करोड़ का बजट सरेंडर किया गया। इसके अलावा अन्य विभागों की ओर से बजट सरेंडर कराया गया। इस दौरान वरिष्ठ कोषाधिकारी डॉ. देव कुमार यादव, सहायक कोषाधिकारी अजय तिवारी आदि मौजूद रहे।