देश की रक्षा के लिए 1962 में चीन और 1971 में पाकिस्तान के साथ हुए युद्ध में शत्रुओं के दांत खट्टे करने वाले जांबाज सिपाही रविवार को दुनिया से रुख्सत हो गया। इससे गांव में गमगीन माहौल बना हुआ है। सारा दिन सांत्वना देने वालों का तांता लगा रहा।
थाना अजनर के ग्राम थुरट निवासी हरिदास यादव (99 ) ब्रिटिश हुकूमत में जाट रेजीमेंट झांसी से सिपाही के पद पर भर्ती हुए थे। जाट रेजीमेंट टूटने के बाद एएससी (आर्मी सर्विस कोर) मेरठ में सूबेदार के पद पर रहे। इसके बाद सीआरपीएफ (50वीं बटालियन) से प्रमोशन पाकर सूबेदार के पद पर पहुंचे। 1962 में भारत चीन के बीच हुए युद्ध में हरिदास यादव ने चीन के दांत खट्टे कर दिए थे। 1971 में पाकिस्तान से हुए युद्ध में भी उन्होंने ने युद्ध किया और पाकिस्तान को परास्त कर दिया। इसके बाद सेवानिवृत्त हो गए।
रविवार सुबह 6 बजे चाय पीकर लेट गए। काफी देर तक न उठने पर उन्हें जगाया। न जगने पर डाक्टर का बुलाया गया। जांच के बाद डाक्टर ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। हरिदास की मौत की खबर सुनकर गांव और आसपास से लोग इकट्ठा होने लगे। हरिदास के दो पुत्र हैं सुभाष यादव और राजेंद्र्र यादव दोनों कृषि कार्य करते हैं। बेटी की शादी हो चुकी है। राजेंद्र यादव ने बताया कि नौकरी के दौरान जीएस मेडल भी प्राप्त किया था।