जिला अस्पताल में वार्ड की गैलरी में पड़े बेडों पर लेटे मरीज।
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जिले में पिछले दो माह से संक्रामक बीमारियाें का भीषण प्रकोप है। हर रोज जिला अस्पताल में 1200 से 1300 नए मरीज इलाज के लिए आ रहे हैं, जिनमें से कुछ को भर्ती कर तो कुछ को परीक्षण कर दवाएं देकर वापस कर दिया जाता है। वार्डाें में जगह न होने के कारण मरीजों को गैलरी में बेड डालकर व्यवस्था की गई है।
दिन में तेज गर्मी पड़ने और रात में मौसम ठंडा होने से संक्रामक बीमारियां बढ़ रहीं हैं। इन दिनों जिला अस्पताल में बुखार, चिकनगुनिया, डेंगू और उल्टी-दस्त के 1200 से 1300 से नए मरीज आ रहे हैं। जिससे डाक्टरों को पल भर की फुरसत नहीं मिल रही है। इमरजेंसी हो या ओपीडी सभी में मरीजों की भरमार है। वार्डों में जगह न होने के कारण मरीजों को गैलरी में बेड डालकर व्यवस्था की गई है। इतना ही नहीं तमाम मरीजों को गैलरी में बेड न मिलने के कारण जमीन पर लेट कर इलाज करा रहे है।
भटीपुरा निवासी सुखलाल (65), रामेश्वर (70) व कुसुमरानी (48) मकनियापुरा निवासी शहनाज (27) व मोहम्मद आसिफ (45) के अलावा रिवई निवासी सेवकराम, मोहम्मद रहमत, राजू व चितहरी निवासी घनश्याम, श्यामाबाई सहित कई मरीज जिला अस्पताल आए। इसके अलावा प्राइवेट अस्पतालों में भी मरीजों की भरमार है।
सीएमओ उदयवीर सिंह ने बताया कि जिला अस्पताल में पैरामेडिकल स्टाफ की भारी कमी है। जिला अस्पताल में मानक के अनुरूप आधे भी डाक्टर नहीं हैं। जबकि हर रोज 1200 से ज्यादा नए मरीज अस्पताल में आ रहे है। वार्डों में मरीज अधिक होने के कारण गैलरी में बेड डालकर मरीजों को भर्ती किया जा रहा है। अस्पताल से बोतल और दवा दी जा रही है।