चंडीगढ़ से रोहतक की 20 बसें रद्द
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विधानसभा चुनाव में प्राइवेट और रोडवेज बसों को अधिग्रहीत किए जाने से जिले की सरहद से सटे मध्य प्रदेश के जिलों और कस्बों का आवागमन ठप रहा। इससे एमपी का सफर करने वाले लोगों को भारी दिक्कत का सामना करना पड़ा। चुनाव के चलते टेंपो का संचालन भी पूरी तरह बंद रहा।
जिला मुख्यालय में बने प्राइवेट बस स्टैंड से प्रतिदिन छतरपुर, नौगांव, खजुराहो, टीकमगढ़, पन्ना, सतना, रीवा, ग्वालियर, सागर विभिन्न जिलों के लिए प्राइवेट बसों का संचालन होता है। इन मार्गाें पर एकाध रोडवेज बसें ही चलती है। इससे मध्य प्रदेश के बाशिदें पूरी तरह से प्राइवेट बसों पर आश्रित रहते है।
बुधवार को चुनाव के लिए पोलिंग पार्टियाें को मतदान केंद्र तक भेजने के लिए प्राइवेट बसें अधिग्रहीत कर ली गई। इससे बुधवार को गुरुवार को मध्य प्रदेश के विभिन्न जिलों में वाहनों का आवागमन ठप रहा।
प्राइवेट वाहन न चलने और एमपी के लिए रोडवेज बसों की व्यवस्था न होने से दो दिन से मध्य प्रदेश जाने वाले लोग रिश्तेदारों के यहां ठहरे हुए है। महोबा से दिन में सिर्फ एक ट्रेन खजुराहो के लिए चलती है। इससे मध्य प्रदेश के विभिन्न जिलों में यात्रा करने वाले यात्रियों ने पहले ट्रेन से खजुराहो तक का सफर तय किया।
इसके बाद खजुराहो से मध्य प्रदेश चलने वालीे बसों ने गंतव्य स्थानों तक पहुंचे। महोबा से छतरपुर, खजुराहो, पन्ना के बीच पड़ने वाले गांव और कस्बों तक लोग यात्रा करने को तरसते रहे।