पूर्व सीएम मायावती के खिलाफ अभद्र भाषा का प्रयोग किए जाने के बाद बसपाइयों ने भी पलटवार किया। इसे महिलाओं व बेटियों का अपमान बताकर भाजपा सड़कों पर उतर आई। शनिवार को भाजपा जिलाध्यक्ष के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन करते हुए नेता प्रतिपक्ष के खिलाफ नारेबाजी की। बाद में एसडीएम को संबोधित राज्यपाल को ज्ञापन दिया। जिसमें नेता प्रतिपक्ष नसीमुद्दीन सिद्दीकी की सदस्यता समाप्त करते हुए गिरफ्तारी की मांग की।
भाजपा नेता दयाशंकर सिंह ने पूर्व सीएम मायावती के खिलाफ बयान दिया गया था। जिसके बाद बसपा कार्यकर्ताओं ने लखनऊ में कई घंटे प्रदर्शन किया। इसके बाद भाजपा कार्यकर्ता भड़क उठे। शनिवार को भाजपा जिलाध्यक्ष जितेंद्र सिंह सेंगर के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने नरसिंह कुटी से विरोध प्रदर्शन शुरू किया। बसपा के खिलाफ नारेबाजी करते हुए तहसील पहुंचे और धरने पर बैठ गए। जिलाध्यक्ष ने कहा बसपाइयों ने जिस प्रकार बेटियों के बारे में अपशब्दों का प्रयोग किया है। उससे राज्य में बेटियां आहत हैं। आरोप है कि यह पूरी घटना बसपा महासचिव विधान परिषद के नेता प्रतिपक्ष नसीमुद्दीन सिद्दीकी की अगुवाई में हुई है।
इसके बाद एसडीएम नन्हकू को दिए ज्ञापन में भाजपाइयों ने नसीमुद्दीन को नेता प्रतिपक्ष पद से बर्खास्त करने और सदस्यता समाप्त कर गिरफ्तारी किए जाने की मांग की। भाजपा नेता दयाशंकर सिंह के परिजनों को सुरक्षा दिए जाने को कहा। प्रदर्शन के दौरान नगर अध्यक्ष ओम नारायण तिवारी, राहुल दीक्षित, नीरज रावत, संजय पस्तौर, मयंक तिवारी, पुष्पेंद्र गुप्ता, राजेश गोस्वामी, पंकज तिवारी, लक्ष्मण पटेल आदि रहे।