महोबा। आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन (एबीडीएम) के तहत अब प्रत्येक ऑनलाइन पर्चे को आभा आईडी से जोड़ा जाएगा। इससे मरीजों का ट्रैक रिकॉर्ड रखा जा सकेगा। एक अप्रैल से इसे लागू किए जाने की तैयारी की जा रही है।
जिले में टीकाकरण वाले बच्चों से लेकर सरकारी अस्पताल में आ रहीं प्रसूताओं की आभा आईडी जनरेट की जा रही हैं। चिकित्सा स्वास्थ्य परिवार कल्याण की सचिव व एबीडीएम की मिशन निदेशक रितु माहेश्वरी ने एक अप्रैल से जिला अस्पताल व सीएचसी पर आने वाले मरीजों के ऑनलाइन पर्चे आभा आईडी के आधार पर ही बनाए जाने के निर्देश दिए हैं। ताकि, आईडी पर इनका हेल्थ रिकॉर्ड अपडेट रहे और परामर्श, दी गईं दवाओं और जांच रिपोर्ट को मरीज की आईडी पर अपडेट किया जा सके। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग हेल्थ प्रोफेशनल रजिस्ट्री, पर्सनल हेल्थ रजिस्ट्री व हेल्थ इन्फॉर्मेशन सिस्टम के जरिए ईको सिस्टम तैयार कर रहा है, जहां मरीजों का डाटा पूरी तरह गोपनीय और सुरक्षित रहेगा। ऐसे में अब शत-प्रतिशत पर्चे आभा आईडी से जोड़े जाएंगे। डिजिटल रिकॉर्ड रहने से मरीजों को राहत मिलेगी। इससे उन्हें समय से और सटीक उपचार मिल सकेगा।