खरेला (महोबा)। करीब 30 हजार की आबादी वाले कस्बा खरेला के लिए राहत भरी खबर है। 32 करोड़ रुपये की लागत से निर्माणाधीन 2.0 अमृत पेयजल योजना के लिए दो साल बाद आखिरकार सिंचाई विभाग से एनओसी मिल गई। इससे अब मौदहा बांध से खरेला में पेयजल आपूर्ति का रास्ता साफ हो गया है। इससे निर्माणाधीन पेयजल योजना के अब काम में तेजी आएगी। काम पूरा होने के बाद लोगों को पेयजल आपूर्ति मिलने लगेगी और कस्बे में पानी का संकट दूर होगा।
नगर पंचायत खरेला के विभिन्न वार्डों में वर्षों से पेयजल संकट है। पानी के लिए लोग परेशान रहते हैं। गर्मियों में यह समस्या ज्यादा हो जाती है। इसे दूर करने के लिए वर्ष 2022 में 32 करोड़ रुपये की से अमृत-2.0 पेयजल योजना को स्वीकृति मिली थी। इसके बाद खरेला नगर को तीन जोन में बांटकर पेयजल योजना का काम शुरू कराया गया। हालांकि, अभी तक 12 वार्डों के एक भी मोहल्ले में पूरी तरह पाइप लाइनें नहीं डाली गईं और न ही कनेक्शन कराए गए। पाइपलाइन को डालने में खोदी गईं सड़कें टूटी पड़ीं हैं। दो साल से अधिक का समय गुजर जाने के बाद अभी सिर्फ 50 फीसदी ही काम पूरा हो सका। मौदहा बांध में बनने वाले इंटेकवेल के निर्माण के लिए सिंचाई विभाग लखनऊ से अनुमति समय से न मिलने से यह योजना लेटलतीफी का शिकार हो रही थी लेकिन अब सिंचाई विभाग की ओर से अनुमति दे दी गई है। इससे काम में तेजी आएगी।
कस्बे में बिछेगी 41 किमी. लंबी पाइपलाइन
अमृत-2.0 पेयजल योजना के तहत कस्बा खरेला से 10 किलोमीटर दूर स्थित मौदहा बांध से पाइपलाइन के माध्यम से पानी लाया जाएगा। इसके साथ ही नगर खरेला में वॉटर ट्रीटमेंट प्लांट, एक टंकी, स्टाफ के आवास बनाए जाना प्रस्तावित है। साथ ही नगर के विभिन्न मोहल्लों में 41 किलोमीटर लंबी पाइपलाइन का जाल बिछाया जाएगा।
खरेला पेयजल योजना के लिए मौदहा बांध से पानी लाने के लिए एक साल पहले सिंचाई विभाग से स्वीकृति मांगी गई थी। स्वीकृति मिलने की जानकारी है। हालांकि, अभी पत्र नहीं आया है। बांध तक पाइपलाइन डालने और इंटेकवेल निर्माण के साथ ही नगर में शेष कार्य समय से पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं। -एके शर्मा, अधिशासी अभियंता, जल निगम, हमीरपुर।