मंडी में लगे इन क्रशर प्लांटों का प्रदूषण परखेगी एनजीटी टीम। अमर उजाला
- फोटो : amarujala
कबरई (महोबा)। कस्बे में शीघ्र ही एनजीटी की टीम क्रशर प्लांटों के प्रदूषण की तीव्रता, प्रभाव और उत्पन्न समस्याओं का स्थलीय निरीक्षण करेगी। एनजीटी कोर्ट को अपनी रिपोर्ट देगी। टीम की रिपोर्ट पर नई मंडी तथा नए प्लांटों का भविष्य तय होगा। एनजीटी की टीम आने की खबर से भीषण मंदी के दौर से गुजर रहे क्रशर प्लांटों पर संकट के बादल मंडराने लगे हैं।
कबरई क्रशर मंडी में तीन सौ से अधिक क्रशर प्लांट संचालित है। जो सत्तापक्ष सहित सभी पार्टियों के नेताओं, स्थानीय असरदार लोगों के हैं। इन क्रशर प्लांटों को समय समय पर प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड लखनऊ द्वारा प्रदूषण रोकने के लिए आवश्यक शर्तों के अनुपालन का बांड भराया जाता है ताकि प्लांट धूल प्रदूषण सहित अन्य प्रकार के वायु, जल प्रदूषण को नियंत्रित कर जन सामान्य के लिए बाधक न बने, लेकिन अधिकांश प्लांट संचालक नियमों की अनदेखी कर रहे हैं।
एनजीटी कोर्ट के जस्टिस राजेश कुमार की एनजीटी कोर्ट में अश्वनी कुमार दुबे ने रिट याचिका संख्या 164/2018 फाइल की। जिसमें 15 अप्रैल 2019 को सुनवाई हुई। कबरई मंडी के दर्जनों क्रशर प्लांट इसमें पार्टी हैं। जिन्होंने प्रदूषण नियंत्रित करने संबंधी उपाय लिखते हुए जवाब फाइल किया है।
इसी क्रम में एनजीटी कोर्ट के आदेश का हवाला देते हुए उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय निदेशक एस के गुप्ता ने महोबा डीएम को पत्र लिखकर एनजीटी आदेश का हवाला देते हुए 29 से 31 मई के बीच एनजीटी टीम आने की बात कही है। जो क्रशर प्लांटों के प्रदूषण की बारीकियों को देखेगी और अपनी रिपोर्ट एनजीटी को देगी। एनजीटी की टीम के निरीक्षण रिपोर्ट पर कबरई के क्रशर प्लांटों का भविष्य निर्भर होगा। एनजीटी टीम के आने की खबर से बंदी की कगार पर चल रही मंडी में मंदी के दौर से गुजर रहे क्रशर मालिकों के होश उड़ गए हैं।