चरखारी (महोबा)। गोवर्द्धन नाथ मेले की शाम जवाबी
कीर्तन के नाम रही। कानपुर और उरई से आए कीर्तन कलाकारों ने कीर्तन की
प्रस्तुति से दर्शकों का मनमोह लिया। जवाबी कीर्तन की शुरुआत सरस्वती वंदना
से की गई।
कीर्तन कलाकार लालमन शर्मा कानपुर ने ‘लौट आओ नंदलाल,
इंतजार में बीते कई साल’ प्रस्तुत किया। इसके जवाब ने राखी आजाद उरई ने
‘मेरी चाहत को न देना तुम टाल, इंतजार में बीते सौ साल’ सुनाकर लोगों को
तालियां बजाने को मजबूर कर दिया।
लालमन शर्मा ने वर्तमान परिस्थिति
पर चेताते हुए कहा कि ‘वतन का पतन यदि होता रहा तो घर वाले ही वतन को बेच
देंगे’। आगे कहा कि ‘वतन बेचने की जो चर्चा करेगा, मां की कसम उसे चीर
देंगे हम’।
जवाबी कीर्तन कार्यक्रम सुबह तक चलता रहा। देर रात तक
जवाबी कीर्तन सुनने के लिए लोगों का हुजूम डटा रहा। सुबह तक चले जवाबी
कीर्तन कार्यक्रम खत्म होने के बाद लोग अपने स्थान से उठे।
कार्यक्रम
समाप्त होने के बाद कीर्तन कलाकार लालचंद्र दीक्षित को चेयरमैन प्रतिनिधि
मुईनुुद्दीन ने साल ओढ़ाकर सम्मानित किया। कार्यक्रम के संयोजक चंद्रशेखर
तिवारी रहे।