कब्रिस्तान की जमीन पर तालाब खुदाई की मिट्टी डाले जाने से नाराज मुस्लिम समुदाय के लोगों ने बुधवार की रात जेसीबी मशीन और ट्रैक्टर चालकों को दौड़ा लिया। वाहनों की चाभियां अपने पास रख ली। इसकी जानकारी पाकर गुरुवार को अधिकारी मौके पर पहुंचे और लोगों को समझाकर शांत कराया। तब जाकर लोगों ने मशीनों की चाभियां वापस की। इसके बाद वाहन चालक वाहन ले गए।
शहर के बीचोबीच बने मदन सागर सरोवर की जेसीबी और पोकलैंड मशीनों से खुदाई कराई जा रही है। सरोवर के समीप ही हाजी फिरोज शाह मजार के पास मुस्लिम समुदाय की कब्रगाह है। ठेकेदार ने भाड़े का खर्च बचाने के लिए मिट्टी दूर डलवाने के बजाए कब्रगाहों पर ही डलवा दी और जेसीबी मशीन से समतल कराने लगे। तभी मुस्लिम समुदाय के लोगों को इसकी भनक लग गई। जानकारी होते ही करीब एक सैकड़ा से ज्यादा लोगों ने जेसेबी मशीन और ट्रैक्टर चालकों को दौड़ा लिया। यह देख चालक वाहन छोड़कर भाग निकले। लोगों ने विरोध जताते हुए मौके पर हो-हल्ला भी किया।
इसकी सूचना ठेके दार ने अधिकारियों को दी। गुरुवार को तहसीलदार महोबा कुंवर बिहारी अन्य अधिकारियों के साथ मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने कब्रगाह से मिट्टी हटवाए जाने का आश्वासन देकर मुस्लिम समुदाय के लोगों को शांत कराया। इसके बाद जेसीबी और ट्रैक्टर जाने दिया गया। अधिकारियों का कहना है कि कब्रगाहों में मिट्टी डाले जाने की शिकायत मिलने पर मौके पर जाकर देखा तो वहां मिट्टी पाई गई। मिट्टी हटवाने और कब्रगाह की नाप कराने के लिए टीम गठित कर दी गई है। तहसीलदार ने कानूनगो और लेखपालों को कब्रगाहों की जमीन की नाप करने के निर्देश दिए हैं।
मुस्लिम समुदाय के लोगों ने चेतावनी दी कि यदि शीघ्र ही कब्रगाहों से मिट्टी नहीं हटवाई गई तो वह शांत नहीं बैठेंगे। इस मौके पर अंजुमन इस्लामियां सोसायटी के अध्यक्ष जलील खां, जाहिद अली सहित आदि लोग मौजूद रहे।