कृषि राज्य मंत्री को ज्ञापन देने जा रहे बहुउद्देशीय स्वास्थ्य कर्मचारियों को पुलिस ने रोक दिया। इससे खफा स्वास्थ्य कर्मचारियों ने आयोजन स्थल के गेट पर खड़े होकर राज्य मंत्री का रास्ता रोक लिया।
इन्होंने नारेबाजी कर प्रदर्शन किया। वहीं राज्य मंत्री और सचिव से मिलने पहुंचे किसानों, शिक्षामित्रों और एमपी डब्ल्यू स्वास्थ्य संविदा कर्मचारियों को भी पुलिस ने भगा दिया। इससे यह अपना दर्द बयान नहीं कर पाए।
जिला अस्पताल में डेढ़ साल पहले संविदा पर तैनात किए गए बहुउद्देशीय स्वास्थ्य कर्मचारियों को आठ माह से मानदेय नहीं मिला है। इनकी स्थायी किए जाने की मांग भी पूरी नहीं हुई। राज्य मंत्री के समाजवादी दिवस में शिरकत करने की सूचना पर बहुउद्देशीय स्वास्थ्य कर्मी उनसे मिलने पहुंच गए। इन्हें पुलिस ने रोक दिया। यह ज्ञापन देने की जिद पर अड़ गए।
पुलिस की तानाशाही से नाराज स्वास्थ्य कर्मचारियों ने कार्यक्रम स्थल के गेट पर खड़े होकर राज्य मंत्री का रास्ता रोक लिया। इस पर पुलिस के हाथ पांव फूल गए। पुलिस ने स्वास्थ्य कर्मचारियों को हड़काकर रास्ता खुलवाया। तब तक राज्य मंत्री व अधिकारियों का काफिला दूसरे गेट से निकल गया। स्वास्थ्य कर्मचारियों ने प्रदेश सरकार पर कर्मचारियों के साथ सौतेला व्यवहार करने का आरोप लगाया है।
वहीं कृषि राज्य मंत्री राजीव कुमार सिंह और राष्ट्रीय एकीकरण विभाग के सचिव अशोक कुमार को सूखे की समस्या बताने के लिए भरवारा, श्रीनगर ,मवई, सिजवाहा, सिजहरी, सिलारपुर और सूपा के किसान उम्मीदें लेकर आयोजन स्थल पर पहुंचे।
गेट पर तैनात पुलिस ने इन्हें राज्यमंत्री के पास फटकने तक नहीं दिया। पुलिस ने इनका ज्ञापन लेक र भगा दिया। पुलिस ने यही सलूक टीचर पद पर समायोजन के लिए शेष रह गए शिक्षामित्रों के साथ किया। इन्हें भी पुलिस ने राज्य मंत्री से मिलने नहीं दिया। कोतवाली प्रभारी के किसानों और शिक्षामित्रों को राज्यमंत्री से मिलने से रोकने पर इनकी पुलिस से नोकझोंक भी हुई।