महोबा। किशोरी के साथ दुष्कर्म करने के करीब साढ़े पांच साल पुराने मामले में बुधवार को विशेष न्यायाधीश पॉक्सो अधिनियम/अपर सत्र न्यायाधीश संदीप चौहान ने फैसला सुनाया। दोष सिद्ध होने पर रामदयाल कुशवाहा को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई। साथ ही 30 हजार रुपये जुर्माना लगाया गया। जुर्माना अदा न करने पर तीन माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी पड़ेगी।
थाना कबरई के एक गांव निवासी महिला ने पुलिस को तहरीर दी थी। बताया था कि 23 अक्तूबर 2020 की दोपहर वह बकरियां लेकर खेत गई थी। उसकी 13 वर्षीय बेटी घर पर अकेली थी जो मानसिक रूप से कमजोर है। उसी दौरान पड़ोस का रामदयाल कुशवाहा घर पहुंचा और बेटी को रुपयों का लालच देकर अपने घर ले गया था जहां आरोपी ने किशोरी से जबरन दुष्कर्म किया था। शाम को जब घर पहुंची तो बेटी नहीं मिली। खोजबीन करते हुए वह रामदयाल के घर पहुंची और कुंडी बजाई। तब आरोपी किशोरी को छोड़कर भाग निकला।
पति के काम से लौटकर आने पर मां-बेटी ने पूरी घटना बताई। पुलिस ने 24 अक्तूबर को आरोपी रामदयाल के खिलाफ दुष्कर्म समेत विभिन्न धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की। विवेचना के बाद आरोपपत्र न्यायालय में दाखिल किया गया। कोर्ट ने मामले की सुनवाई करते हुए बुधवार को फैसला सुनाया।