वजन दिवस के अवसर पर शहरी और ग्रामीण क्षेत्र के 505 आंगनबाड़ी केंद्रों में पांच वर्ष के बच्चों का वजन माप किया गया। गंभीर श्रेणी के बच्चों को चिंहित करने के लिए औसत आयु को दर्ज किया गया। 24 सेक्टर प्रभारियों ने इस अभियान के तहत केंदों में पहुंचकर निरीक्षण किया।
बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग द्वारा आयोजित वजन दिवस के मौके पर जिले के 505 आंगनबाड़ी केंद्रों में बच्चों का वजन मापने का अभियान चलाया गया।। चरखारी ब्लाक क्षेत्र के 180 और कबरई के 273 ग्रामीण क्षेत्रों के आंगनबाड़ी केंद्रों के साथ साथ महोबा, चरखारी, खरेला शहरी क्षेत्र के 52 आंगनबाड़ी केंद्रों सहित जिले के 505 केंद्रों में वजन दिवस कार्यक्रम आयोजित हुआ। बच्चों को कुपोषण से बचाने और कुपोषित बच्चों को पोषित करने के उद्देश्य को लेकर प्रदेश स्तरीय अभियान के तहत केंद्रों में आंगनबाड़ी कार्यकत्री, आशा बहुओं और स्वास्थ्य कर्मचारियों ने सहभागिता निभा कर 80 फीसदी बच्चों का वजन माप किया। अभियान के आकस्मिक निरीक्षण के लिए नामित जिलस्तरीय अधिकारियों में 24 सेक्टर प्रभारियों ने केंद्रों में पहुंचकर कार्यक्रम का निरीक्षण किया। जिलधिकारी वीरेश्वर सिंह ने चांदो गांव के आंगनबाड़ी केंद्र में पहुंचकर वजन दिवस पर बच्चों के वजन नाप कार्यक्रम का निरीक्षण किया। जिला कार्यक्रम अधिकारी रामेश्वर पाल ने ग्राम पिपरामाफ, शाहपहाड़ी, बिलबई, छिकहरा, नथूपुरा केंद्रों का दौरा कर अभियान की सफलता के लिए निरीक्षण किया। खरेला प्रतिनिधि के अनुसार वजन दिवस पर प्राथमिक पाठशाला खरेला प्राचीन में संचालित आंगनबाड़ी केंद्र में कार्यकत्री शांति सहायिका कुसुम और आशा बहू इंद्रकुमारी की मौजूदगी में बच्चों का वजन माप किया गया। स्वमीदास मोहल्ले में आंगनबाड़ी कार्यकत्री शीला ने सहायिका के साथ बच्चों का वजन नापा इसी तरह सादराय की आंगनबाड़ी रंजना बुधौलिया और मानिक मोहल्ले में मंजू शिवहरे आंगनबाड़ी कार्यकत्री ने आशा बहुओं के साथ इस अभियान के तहत बच्चों की माप की। इस दौरान नर्स संतोषी और बाल विकास परियोजना सुपरवाइजर प्रतिभा सिंह और वीरेंद्र मिश्रा आदि मौजूद रहे।