महोबा जिले से खाकी को शर्मसार करने वाली एक तस्वीर सामने आई है। न्याय की उम्मीद में थाने पहुंचे एक युवक को पुलिसिया बर्बरता का शिकार होना पड़ा। महोबकंठ थाना क्षेत्र के उमरई गांव में एक दरोगा ने न केवल कानून की मर्यादा लांघी, बल्कि पीड़ित युवक को सरेराह बाल पकड़कर पीटा। इस पूरी घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए एसपी ने आरोपी दरोगा को तत्काल प्रभाव से लाइन हाजिर कर दिया है।
क्या है पूरा मामला?
मिली जानकारी के अनुसार, महोबकंठ थाना क्षेत्र के उमरई गांव निवासी संदीप ने पुलिस को दी तहरीर में आरोप लगाया था कि 10 मई की शाम जब वह मध्य प्रदेश के हरपालपुर से अपने घर लौट रहा था, तभी रास्ते में गांव के ही तीन दबंगों ने उसे रोक लिया। आरोपियों ने उसके साथ गाली-गलौज की और विरोध करने पर लाठियों से हमला कर दिया। संदीप का आरोप है कि मारपीट के दौरान आरोपियों ने उसके गले से सोने की चेन भी छीन ली।
62 सेकंड में जड़े 5 थप्पड़
संदीप जब इस घटना की शिकायत लेकर महोबकंठ थाने पहुंचा, तो वहां तैनात दरोगा रामबाबू यादव उसे जांच और चेन बरामदगी का भरोसा देकर गांव ले गए। पीड़ित का आरोप है कि दरोगा ने गांव पहुंचते ही निष्पक्ष जांच करने के बजाय दूसरे पक्ष के सामने ही उसे पीटना शुरू कर दिया।
पीड़ित का गंभीर आरोप: उल्टा किया चालान
संदीप ने प्रशासन को बताया कि मारपीट के बाद उसे रात भर थाने में बिठाकर रखा गया। पीड़ित का आरोप है कि पुलिस ने दूसरे पक्ष से सांठगांठ कर ली और उसके परिजनों से पैसे ऐंठने के बाद उल्टा उसी का चालान कर दिया। युवक का कहना है कि वह न्याय मांगने गया था, लेकिन उसे अपराधी की तरह प्रताड़ित किया गया।
पुलिस विभाग की सफाई और कार्रवाई
इस मामले में पुलिस अधीक्षक शशांक सिंह ने बताया कि थाने में संदीप के खिलाफ भी एक शिकायत मिली थी, जिसमें एक युवती को परेशान करने का आरोप था। उप-निरीक्षक रामबाबू यादव इसी मामले की जांच के लिए गांव गए थे। एसपी के मुताबिक, जांच के दौरान संदीप का व्यवहार आक्रामक था, जिसे नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने बल प्रयोग किया। हालांकि, वायरल वीडियो में दरोगा का आचरण मर्यादित नहीं पाया गया। एसपी शशांक सिंह ने कहा प्राथमिक जांच में उप-निरीक्षक का आचरण अनुचित और पुलिस नियमावली के विपरीत पाया गया है। आरोपी दरोगा रामबाबू यादव को तत्काल प्रभाव से लाइन हाजिर कर दिया गया है। मामले की विस्तृत जांच सीओ चरखारी दीपक दुबे को सौंपी गई है। जांच रिपोर्ट के आधार पर कड़ी विभागीय कार्रवाई की जाएगी।"