मृतक श्रमिक देशराज कुशवाहा की फाइल फोटो।
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कबरई (महोबा)। कबरई स्थित पत्थर मंडी के घुरघुरु पहाड़ में ब्लास्टिंग के लिए छेद करते समय एक श्रमिक 150 फीट गहरी खदान में गिर गया। इससे उसकी की मौत हो गई। पहाड़ के संचालक अस्पताल में श्रमिक का शव छोड़कर भाग गए। श्रमिक के परिजनों भी हादसे की जानकारी नहीं दी। सहकर्मियों की सूचना पर श्रमिक के परिजन अस्पताल पहुंचे। संचालक पर पहाड़ में श्रमिक से बिना सुरक्षा उपकरणों काम कराए जाने का आरोप लगाया। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
कस्बे के झलकारी बाई नगर स्थित घुरघुरु पहाड़ का साबिर अली के नाम पट्टा आवंटित है। इसमें खनन का काम कराया जा रहा है। पहाड़ की खदानें 150 से 200 फीट गहरी हो गईं हैं। रविवार को कस्बे के गांधीनगर निवासी चंदू कुशवाहा (29) पहाड़ पर मजदूरी कर रहा था। दोपहर में वह पहाड़ पर चढ़कर ब्लास्टिंग के लिए छेद कर रहा था। उसी दौरान पैर फिसलने से वह गहरी खदान में गिर गया। ऊपर से उस पर पत्थर गिर गए। इससे श्रमिक की मौके पर मौत हो गई। हादसे के बाद पहाड़ में काम कर रहे श्रमिकों में भगदड़ मच गई। मलबे में दबे चंदू को खदान से बाहर निकालकर पहाड़ संचालक सीएचसी कबरई ले गए। वहां डॉक्टरों के चंदू को मृत घोषित कर दिया। चंदू की पत्नी बिनीता व पिता देशराज का
आरोप है कि पहाड़ संचालक ने उन लोगों को हादसे की जानकारी नहीं दी और शव अस्पताल में छोड़कर चले गए। पहाड़ पर काम करने वाले दूसरे श्रमिकों ने उन लोगों ने हादसे की सूचना दी। परिजनों ने मामले की जांच कराकर कार्रवाई किए जाने की मांग पुलिस व प्रशासनिक अफसरों की है। चंदू के परिवार में पत्नी और तीन बच्चे आदित्य, अंशू व लक्ष्मी हैं। उधर थानाध्यक्ष विनोद पुरवार का कहना है कि अभी तहरीर नहीं मिली है। मानक की अनदेखी व बिना सुरक्षा उपकरणों की श्रमिकों से पहाड़ में काम कराए जाने की बात सामने आई है। घटना की जांच कराई जा रही है।
पानी भरने से बर्बाद हुई आठ बीघे की फसल
घुरघुरु पहाड़ के संचालकों ने बारिश का पानी गहरी खदान में भरने पर उसे मशीनों से बाहर निकलवाया था। इससे पहाड़ का पानी किसान शिव विशाल के खेत में भर गया था। इससे आठ बीघे की फसल बर्बाद हो गई थी। इस मामले में शिव विशाल ने कबरई थानाध्यक्ष समेत कई अफसरों को अर्जी देकर शिकायत की थी, लेकिन अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हो सकी है।