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ट्रक की टक्कर से छात्र की मौत, आक्रोशित परिजनों ने जाम किया हाईवे

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मृतक छात्र इंद्रजीत की फाइल फोटो - फोटो : MAHOBA
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कबरई (महोबा)। कानपुर-सागर हाईवे पर बरबई स्टैंड के समीप परीक्षा देकर लौट रहे साइकिल सवार छात्र को ट्रक ने टक्कर मारकर कुचल दिया। हादसे में छात्र की मौके पर मौत हो गई। दुर्घटना से गुस्साए परिजनों व ग्रामीणों ने सड़क पर शव रखकर जाम लगा दिया। सूचना पर पहुंचे एसडीएम व सीओ ने ब्रेकर बनवाने व पीड़ित परिवार को आर्थिक मदद दिलाए जाने का लिखित आश्वासन देकर जाम खुलवाया। दो घंटे तक लगे जाम से सड़क के दोनों ओर वाहनों की कतारें लगी रहीं।
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थाना कबरई के तमौरा गांव निवासी सभाजीत का पुत्र इंद्रजीत (12) गजोधर सिंह पूर्व माध्यमिक विद्यालय बरबई में कक्षा छठवीं का छात्र था। शुक्रवार को वह अंग्रेजी का पेपर देने विद्यालय गया था। साइकिल से वापस लौटते समय बरबई स्टैंड के समीप कानपुर की ओर से आ रहे तेज रफ्तार ट्रक ने साइकिल में टक्कर मारते हुए छात्र को कुचल दिया। दुर्घटना में छात्र की मौत होने के बाद लोगों की भीड़ एकत्र हो गई। भाग रहे ट्रक चालक को राहगीरों ने पकड़कर पुलिस को सूचना दी। दोपहर करीब एक बजे परिजनों व ग्रामीणों ने सड़क पर शव रखकर हाईवे जाम कर दिया। ग्रामीणों का कहना था कि आए दिन बस स्टैंड में दुर्घटनाएं हो रही हैं। कई बार ब्रेकर बनवाने की मांग की गई लेकिन किसी ने ध्यान नहीं दिया।
जाम की सूचना पर एसडीएम सदर राजेश कुमार यादव, सीओ सदर रामप्रवेश राय, कबरई व खन्ना थाने की पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जाम लगाए लोगों को समझाया। दोपहर तीन बजे एसडीएम के लिखित आश्वासन पर जाम खुल सका। बाद में शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। पुलिस ने दुर्घटना को अंजाम देने वाले चालक को हिरासत में लेकर ट्रक को थाने में खड़ा कराया है। घटना से मृतक की मां रानी, छोटे भाई सोहन, अक्षय व बहन अंशिका का रो-रोकर बुरा हाल है। पिता सभाजीत ने बताया कि वह मेहनत-मजदूरी करके बच्चों को शिक्षा दिला रहा है।
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डेढ़ माह पहले दो बाइक सवारों की हुई थी मौत
कानपुर-सागर हाईवे पर बरबई बस स्टैंड के समीप डेढ़ माह के अंदर यह दूसरी दुर्घटना है। 23 जनवरी को तेज रफ्तार ट्राला ने इसी स्थान पर बाइक सवार दो युवकों को कुचल दिया था। हादसे में मोनू व उसके रिश्तेदार लोटन अहिरवार की मौके पर मौत हो गई थी। तब ग्रामीणों ने ब्रेकर बनवाए जाने की मांग की थी लेकिन प्रशासन ने इस ओर ध्यान नहीं दिया। जिससे ट्रक की चपेट में आने से छात्र की जान चली गई। यदि सड़क पर ब्रेकर बने होते तो दुर्घटना को टाला जा सकता था।
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