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महोबा : आय से अधिक संपत्ति मामले में उपनिरीक्षक पर भ्रष्टाचार की रिपोर्ट दर्ज

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महोबा। जिले में तैनात रहे उपनिरीक्षक ने कमाई से ज्यादा खर्च कर दिया। भ्रष्टाचार निवारण संगठन की जांच में यह सच्चाई सामने आई। उपनिरीक्षक के खिलाफ शुक्रवार को शहर कोतवाली में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कराया गया है।
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फतेहपुर जिले के मलवा थाना क्षेत्र के तारापुर निवासी सतीश चंद्र मिश्रा पुलिस विभाग में उपनिरीक्षक है। उनकी तैनाती वर्ष 2020 में महोबा में थी। क्रशर कारोबारी इंद्रकांत त्रिपाठी की मौत के बाद भ्रष्टाचार निवारण संगठन लखनऊ के अपर पुलिस महानिदेशक ने उपनिरीक्षक की आय की जांच कराई। उपनिरीक्षक ने वैध स्रोतों से 69 लाख 60 हजार 438 रुपये की आय अर्जित की, जबकि 80 लाख 60 हजार 508 रुपये खर्च किए। आय के सापेक्ष 11 लाख 70 रुपये खर्च अधिक मिला। आय से अधिक खर्च करने के संबंध में उपनिरीक्षक कोई साक्ष्य उपलब्ध नहीं करा सके। प्रथम दृष्टया दोषी पाए जाने पर भ्रष्टाचार निवारण संगठन के निरीक्षक प्रवीण सान्याल ने उपनिरीक्षक सतीश चंद्र मिश्रा के खिलाफ भ्रष्टाचार की रिपोर्ट दर्ज कराई है। वर्तमान में उपनिरीक्षक श्रावस्ती जनपद में तैनात हैं। कोतवाली प्रभारी बलराम सिंह ने बताया कि तहरीर के आधार पर रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है।
यह है मामला
क्रशर कारोबारी इंद्रकांत त्रिपाठी ने सात सितंबर 2020 को तत्कालीन एसपी मणिलाल पाटीदार पर छह लाख रुपये रिश्वत मांगने का आरोप लगाते हुए सोशल मीडिया में वीडियो वायरल किया था। आठ सितंबर को उनके गले में गोली लगी मिली। 13 सितंबर को मौत हो गई थी। मामले की जांच एसआईटी ने की थी। तत्कालीन एसपी, दरोगा देवेंद्र शुक्ला, सिपाही अरुण यादव, व्यापारी सुरेश सोनी और ब्रह्मदत्त आत्महत्या के लिए उकसाने और भ्रष्टाचार के दोषी पाए गए थे। पांचों के खिलाफ मामला दर्ज हुआ था। चार आरोपी जेल में हैं। मुख्य आरोपी पाटीदार पर एक लाख रुपये का इनाम है। वह पुलिस की पकड़ से दूर है। इस प्रकरण में सतीश चंद्र मिश्रा समेत जिले के अन्य पुलिस कर्मियों के खिलाफ भी आय से अधिक संपत्ति की जांच चल रही थी।
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