ऐतिहासिक कजली मेले के आखिरी दिन कीरत सागर तट पर दर्शकों का रेला उमड़ पड़ा। मेले के दौरान ऐतिहासिक कीरत सागर का तट लोगों से भरा हुआ है। मेले में आए दूर-दराज के लोगों ने खरीदारी की वहीं रात में चले आल्हा मंच के कार्यक्रमों का भी लुत्फ उठाया। आल्हा मंच में लोक गीत, फिल्मी गीतों पर डांस व लोक नृत्य कार्यक्रमों को देखने के लिए देर रात तक लोगों की भीड़ जमा रही।
उत्तर भारत के मशहूर कजली मेले में जुटी भारी भीड़ मेले की सफलता का गवाह बना। मेले के आखिरी दिन सुबह से ही महिलाओं और पुरुषों की भीड़ मेला स्थल पर लगी रही। जहां पर दर्शकों ने आल्हा मंच पर चल रहे सांस्कृतिक कार्यक्रमों और फिल्मी गीतों, मुझे नौ लखा मंगा दे रे, बीन बजाता जा सपेरे, गीतों पर महिला कलाकार थिरकतीं नजर आईं। श्री लखनलाल बुंदेलखंडी लोक नृत्य समिति महोबा के कलाकार रानी, मधुलता सोनी, कमलेश कुशवाहा, उर्मिला शर्मा और लखनलाल यादव ने भारत सरकार द्वारा चलाए जा रहे कार्यक्रम बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओं कार्यक्रम पर आधारित नृत्य नाटिका प्रस्तुत कर लोगों को जागरूक किया।
मेले के आखिरी दिन जमकर हुई खरीदारी
कजली मेले के अंतिम दिन लोगों ने जमकर खरीदारी की, जहां पुरुषों ने लाठी डंडे की खरीदारी की, वहीं महिलाओं ने गृहस्थी का सामान और श्रंगार का सामान खरीदा। बच्चों ने गुब्बारे और खिलौने खरीदे। महिलाओं और बालिकाओं ने झूलों का आनंद लिया। झूलों पर लग रही लोगों की भीड़ को देखते हुए झूला संचालक अभी भी मेले में डटे हुए हैं।
मेले में चार दिन तक रही कड़ी सुरक्षा व्यवस्था
उत्तर भारत के मशहूर कजली मेले में हर साल जुटने वाली लाखों की भीड़ के मद्देनजर पुलिस प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद रहा। मेला परिसर में जगह जगह पुलिस फोर्स लगाने के अलावा वाच टावर में भी पुलिस कर्मचारी मुस्तैदी के साथ ड्यूटी करते रहे। इतना ही नहीं पुलिस अधीक्षक, अपर पुलिस अधीक्षक, सीओ सदर और कोतवाली पुलिस भी दिन रात मेले जायजा लेते रहे।