फोटो 21 एमएएचपी 12, 13 परिचय-पूर्व एसपी मणिलाल पाटीदार का फोटो व दिवंगत इंद्रकांत त्रिपाठी का फाइल फोटो।
पूर्व एसपी के खिलाफ लुक-आउट नोटिस जारी
- अब विदेश नहीं भाग सकेंगे आरोपी मणिलाल पाटीदार
- दो दिन तक जांच-पड़ताल के बाद झांसी लौट गई फोरेंसिक टीम
अमर उजाला ब्यूरो
महोबा। कबरई के क्रशर कारोबारी इंद्रकांत त्रिपाठी की मौत के मामले में आरोपी पूर्व एसपी मणिलाल पाटीदार के खिलाफ लुक-आउट नोटिस जारी हो गया है। उधर, झांसी से आई फोरेंसिक टीम ने दो दिन जांच पड़ताल की। सोमवार को टीम झांसी लौट गई। कबरई निवासी इंद्रकांत त्रिपाठी की मौत के मामले में आरोपी पूर्व एसपी मणिलाल पाटीदार को महोबा, प्रयागराज के एसपी क्राइम आशुतोष मिश्रा और एसटीएफ टीम घटना के चार महीने से अधिक बीत जाने के बाद भी गिरफ्तार नहीं कर सकी है। हालांकि, अफसरों का दावा है कि पुलिस और एसटीएफ ने पूर्व एसपी राजस्थान स्थित पैतृक आवास के साथ ही लखनऊ, मध्यप्रदेश, प्रयागराज समेत कई संभावित स्थानों में दबिश दी है। दबिश देने का सिलसिला जारी है, लेकिन आरोपी पूर्व एसपी का सुराग नहीं मिल सका है।
इधर, भगोड़े 50 हजार के इनामी पूर्व एसपी विदेश न भाग सकें, इसलिए विवेचक एसपी क्राइम, प्रयागराज ने पूर्व एसपी के खिलाफ लुक-आउट नोटिस जारी करने के लिए एसपी महोबा को अपनी रिपोर्ट भेजी थी। सूत्रों के मुताबिक, विवेचक एसपी क्राइम की रिपोर्ट को महोबा के एसपी ने गंभीरता से लिया है और एसपी एके श्रीवास्तव ने लुक-आउट का नोटिस जारी कर दिया। नोटिस की कॉपी देश के सभी हवाई अड्डों के अफसरों के भेज दी गई है। इधर, इंद्रकांत के भाई रविकांत की मांग पर झांसी की फोरेंसिक टीम शनिवार को कबरई पहुंची। टीम ने उस कार की जांच की जिसमें इंद्रकांत को गोली लगी थी। टीम ने इंद्रकांत की आवाज की जांच करने के लिए उनका सोशल मीडिया में जारी किया गया वीडियो भी कब्जे में लिया है। घटना से जुड़े दस्तावेज भी जांच को टीम ले गई है। शनिवार और रविवार को मामले की जांच करने के बाद टीम झांसी लौट गई। सूत्रों का कहना है कि फोरेंसिक टीम ने विवेचक एसपी से कुछ और बिन्दुओं पर की गई जांच की रिपोर्ट मांगी है। साथ ही कई बिन्दुओं पर जांच करने को भी कहा है।
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यह होता है लुक-आउट नोटिस
किसी अपराध में आरोपी अथवा शक के दायरे में आया शख्स, जिसके विदेश भागने की आशंका रहती है। ऐसे लोगों को लुक-आउट नोटिस जारी किया जाता है। विदेश भागने की आशंका जताते हुए संबंधित थाने की तरफ से रिपोर्ट दी जाती है। इस पर जिले के कप्तान की तरफ से लुक आउट नोटिस जारी किया जाता है। नोटिस जारी होने के बाद एयरपोर्ट व अंतर्राष्ट्रीय सीमाओ पर उसकी निगरानी होती है। अस्थाई लुक-आउट नोटिस 30 दिन का होता है।