अभिलेखों में फर्जीवाड़ा करके जमीन पर लिया ऋण
- सरकारी जमीन तक को नहीं छोड़ा, मामले की जांच में जुटी पुलिस
संवाद न्यूज एजेंसी
हरदोई। एक युवक ने कई ग्रामीणों की जमीनों के अभिलेखों में फर्जीवाड़ा कर बैंक से ऋण ले लिया। हैरत की बात तो यह है कि ऋण देते समय बैंक ने कोई छानबीन नहीं की। वहीं पुलिस ने राजनीतिक दखल के चलते कोई सुनवाई नहीं की। कोर्ट के आदेश पर पुलिस ने जालसाज के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करते हुए जांच शुरू की है।
संडीला कोतवाली के करुआखेड़ा मजरा भिठौली निवासी शमीम ने कोर्ट के आदेश पर मुकदमा दर्ज कराया है। इसमें बताया कि उसके पिता अब्बास गाटा संख्या 584 पर ऋण लेने के लिए आर्यावर्त बैंक शाखा मल्हेरा पहुंचे। जहां पर बैंक ने बताया कि इस नंबर पर पहले से ही ऋण हो चुका है। इसके बाद पड़ताल की तो पता चला कि भिठौली निवासी एक व्यक्ति ने जमीन के अभिलेखों में फर्जीवाड़ा करके ऋण लिया है। उसने ऐसा एक के साथ नहीं बल्कि गांव के अमित सिंह के गाटा संख्या 381, रामदास के गाटा संख्या 585, सुखदेव के गाटा संख्या 588 और ग्राम पंचायत के गाटा संख्या 582 के अभिलेखों में फर्जीवाड़ा कर बैंक को चूना लगाया है। इस तरह का फर्जीवाड़ा किए जाने की पुलिस से शिकायत की तो राजनीतिक दखल के चलते कहीं कोई भी सुनवाई नहीं हो सकी। इसके बाद उसने अदालत का दरवाजा खटखटाया। इसके बाद पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ जालसाजी समेत कई धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की है।