महोबा। दोहरे हत्याकांड के एक मामले में अदालत ने दोषी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। साथ ही दस हजार रुपये का जुर्माना ठोंका। जुर्माना अदा न करने पर छह माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी पड़ेगी। अदालत ने आरोपी को पुलिस हिरासत मेें जेल भेज दिया।
थाना अजनर के ग्राम बछेछर कला निवासी सुनील एक अप्रैल 2017 को रिश्तेदारी में जाने की बात कहकर घर से लापता हो गया था। तीन अप्रैल 2017 को सुनील और थाना महोबकंठ के ग्राम बम्हौरी कुर्मिन निवासी गीता को उसके पिता मूलचंद ने घर पर संदिग्ध हालात में देख लिया था। मूलचंद ने दोनों की गर्दन पर धारदार हथियार से वार करके हत्या कर दी थी। दोनों के शव मूलचंद के आंगन में पाए गए। घटना की रिपोर्ट सुनील के बाबा रामदास ने थाना अजनर में मूलचंद के खिलाफ दर्ज कराई थी।
जनपद न्यायाधीश ने शुक्रवार को दोनों पक्षों के गवाह और बहस सुनने के बाद मूलचंद को दोहरे हत्याकांड का दोषी ठहराते हुए उसे आजीवन कारावास की सजा सुनाई। साथ ही दस हजार रुपये का जुर्माना ठोंका। जुर्माना अदा न करने पर छह माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी पड़ेगी। इस मुकदमे की पैरवी शासकीय अधिवक्ता प्रमोद पालीवाल और केशव सिंह राजपूत ने की। शासकीय अधिवक्ता ने बताया की गवाहों के मुकर जाने के बाद भी अदालत ने साक्ष्यों के आधार पर सजा सुनाई। अभियुक्त को जेल भेज दिया गया।