महोबा। जिले में फसल बीमा योजना में हुआ घोटाला अब और बड़ा होता दिखाई दे रहा है। खरीफ-2024 में हुए घोटाले के बाद रबी-2024 में भी करोड़ों रुपये का घोटाला सामने आ रहा है। किसानों की बिना जानकारी के ही उनकी जमीनों पर बीमा कराके क्लेम हड़पने के मामले लगातार उजागर हो रहे हैं। कबरई ब्लॉक के बरबई गांव के छह से अधिक किसानों की जमीन का घोटालेबाजों ने बीमा कराकर क्लेम हड़प लिया। पीड़ित किसान अब कार्रवाई की मांग के लिए अफसरों की चौखट पर पहुंच रहे हैं।
प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में खरीफ-2024 सीजन की तरह ही रबी-2024 सीजन में वन विभाग, मंदिर, तालाब, सरकारी जमीन, क्रशर प्लांट की जमीन समेत किसानों की निजी भूमि पर फर्जी तरीके से फसल बीमा कराया गया और क्लेम हड़प लिया। कबरई ब्लॉक के बरबई गांव निवासी दिलीप सिंह की 62 बीघा, श्यामकिशोर सिंह की 75 बीघा, स्वयंवर सिंह की 23 बीघा, दीनदयाल की 24 बीघा व अनुराधा की 27 बीघा जमीन गांव में है। इन किसानों की जमीनों पर फर्जी तरीके से घोटालेबाजों ने रबी-2024 में बीमा करा लिया और फसल में नुकसान दिखाकर क्लेम भी हड़प लिया। फसल बीमा की वेबसाइट व मोबाइल एप में जानकारी खंगालने के बाद किसानाें को अपनी जमीन पर फसल बीमा होने और क्लेम का भुगतान किए जाने के बारे में जानकारी मिली।
किसान स्वयंवर सिंह का कहना है कि उन्होंने बटाई या ठेके पर किसी को जमीन खेती करने के लिए भी नहीं दी। इसके बाद भी उनकी जमीन पर बीमा कराकर क्लेम निकाला गया। वे मामले की थाने में रिपोर्ट लिखाना चाहते हैं। किसान दीनदयाल प्रजापति का कहना है कि किसी बाहरी व्यक्ति ने फर्जी तरीके से बीमा करा लिया। हमारी फसल में जो नुकसान हुआ था, उसकी धनराशि हमें मिलनी चाहिए। सदर तहसील में फसल बीमा योजना घोटाले में उच्चस्तरीय जांच की मांग को लेकर धरने में बैठे जय जवान जय किसान एसोसिएशन के अध्यक्ष गुलाब सिंह राजपूत का कहना है कि जिस तरह से करीब 40 करोड़ रुपये का फसल बीमा घोटाला खरीफ-2024 सीजन में हुआ था, उसी तरह से अब तक हुए खुलासे के आधार पर रबी-2024 का घोटाला भी करीब 10 करोड़ रुपये के होने का अनुमान है। यदि प्रशासन इसकी भी जांच कराए तो और भी तथ्य सामने आएंगे।