महोबा। पश्चिमी विक्षोभ से अचानक बदले मौसम से गुरुवार की रात तेज आंधी के साथ बारिश हुई। इससे बिजली आपूर्ति ठप हो गई। पूरी रात बिजली गुल रहने से लोगों को परेशानी हुई। सुबह पेयजल आपूर्ति भी प्रभावित रही। जिले में 24 घंटे में 11 एमएम बारिश दर्ज की गई। बारिश ने भीषण गर्मी से जूझ रहे लोगों को खासी राहत दी। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि शनिवार को भी इसी तरह का मौसम रहेगा। इसके बाद तापमान में वृद्धि होगी।
गुरुवार की रात अचानक मौसम का मिजाज बदल गया। आसमान में बादल छाने के साथ ही गरज और चमक के साथ ही बारिश शुरू हो गई। शुक्रवार की सुबह तक रुक-रुककर बारिश होती रही। इसके चलते शहर की गलियों और सड़कों पर पानी भर गया।शहर की तमाम सड़कें कीचड़ में तब्दील हो गईं। इससे लोगों को दिक्कत का सामना करना पड़ा।
उधर, बारिश के चलते लोगों केे गर्मी से खासी राहत मिली। बेलाताल स्थित कृषि विज्ञान केंद्र के मौसम वैज्ञानिक डॉ. मुकेश कुमार का कहना है कि शुक्रवार मौसम का अधिकतम तापमान 40 डिग्री, जबकि न्यूनतम तापमान 20 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। आर्द्रता 42 फीसदी रही, जबकि हवाओं की रफ्तार 11 किमी प्रति घंटा दर्ज की गई। डॉ. मुकेश कुमार ने बताया कि पश्चिमी विक्षोभ के कारण मौसम का मिजाज बदला है। इसका असर अगले 24 घंटे तक दिखाई देगा।
आंधी से उड़े टिन-टप्पर, पूरी रात नहीं आई बिजली
कुलपहाड़। देर रात आई जोरदार आंधी और बारिश से कस्बे की बिजली आपूर्ति ठप हो गई है। नगर के तमाम मोहल्लों में जलभराव के चलते कीचड़ व गंदगी का अंबार नजर आया। रात दो बजे के बाद अचानक मौसम का मिजाज बदल गया। बारिश के दौरान कई स्थानों पर जलभराव की समस्या देखने को मिली। राजपूत कॉलोनी, बस स्टैंड, पुरानी तहसील पर स्वतंत्रता सेनानी बालगोविंद मार्ग कीचड़ से सराबोर हो गया। आंधी इतनी तेज थी कि चौराहों पर लगे फ्लैक्स, बैनर के अलावा दुकानों व मकानों में लगे टिन टप्पर उड़ गए। पूरी रात बिजली ठप रही। 11 घंटे बाद शुक्रवार को दोपहर एक बजे बिजली आपूर्ति शुरू हो सकी।
सुबह आठ बजे बहाल हुई बिजली
महोबा। मौसम की बेरुखी के कारण शहर की बिजली आपूर्ति लड़खड़ा गई। रात करीब दो बजे आंधी व बारिश के कारण बिजली आपूर्ति ठप गई। इससे समूचा शहर अंधेरे में डूब गया। हालात यह रहे कि सुबह तड़के अंधेरा पसरा रहा। आठ बजे के बाद ही बिजली आपूर्ति बहाल हो सकी। बिजली आपूर्ति ठप होने से लोगों को खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। सात घंटे बाद ही शहर की बिजली आपूर्ति बहाल हो सकी। तब जाकर लोगों ने राहत की सांस ली।