महोबा। अखिल भारतीय कवि सम्मेलन में विभिन्न जनपदों से आए कवियों ने देशभक्ति, आज की राजनीति व ऑपरेशन सिंदूर पर रचनाओं से सभी को मन मोहा। दिल्ली के प्रवीण शुक्ल ने कहा कि जब अमरीका के वर्ल्ड ट्रेड सेंटर में हमला हुआ तो कोई भारतीय नहीं मारा गया क्योंकि कोई भी वहां समय से नहीं पहुंचा। नेपाल के लक्ष्मण नेपाली ने कहा कि बुंदेलखंड में शादी के पांच साल पहले पत्नी पति से प्रेम बहुत करती है लेकिन पांच साल बाद पत्नी कहती है यह रखी थाली ठूस लो। भारत की जनसंख्या पर नेपाल के लोग कहते हैं हम दो हमारे दो बाकी इंडिया भेज दो। महिला एक हजार की चप्पल पहनकर पूरे गांव को बताएगी और हम पुरुष चार हजार की शराब पीकर घर जाकर चुपचाप सो जाते हैं। मथुरा की पूनम वर्मा ने सच में कहूं तो तुम मुझे उसी दिन ही भा गए, जिस दिन मेरे उदास मन पर छा गए। चलो खो जाए हम एक-दूजे के प्यार में, क्या तुम इसके लिए मुहूर्त देखोगे अखबार में कविता सुनाई। दिल्ली के अशोक चारण ने आल्हा-ऊदल की वीरता का बखान करते हुए बुंदेलखंड को नमन किया।
रूस-यूक्रेन के युद्ध में कहा कि वहां भारतीयों को निर्देश मिले थे कि अपने हाथों में तिरंगा उठाना तो कोई आतंकवादी कुछ नहीं कर पाया। जिन्ना के बच्चे बच नहीं पाते यूक्रेन में हाथों में अगर तिरंगा नहीं उठाते सुनाकर देशभक्ति का बखान किया। इसके अलावा आगरा के हरीश चतुर्वेदी, इंदौर के जॉनी वैरागी, कोटा के कुंवर जावेद, मुंबई के चंदन राय, अनु सपन आदि ने रचनाएं पेश की।