महोबा। जनपद कन्नौज में अधिवक्ताओं द्वारा लेखपालों पर जानलेवा हमला करने व महिला लेखपाल से दुर्व्यवहार किए जाने से जिले के लेखपाल भड़क उठे हैं। बुधवार को जिले की तहसीलों में लेखपालों ने धरना प्रदर्शन कर आक्रोश जताया। बाद में मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन एसडीएम को सौंपे। जिसमें मामले की जांच कराकर दोषी अधिवक्ताओं के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की।
तहसील महोबा में धरने पर बैठे जिलाध्यक्ष प्रभुदत्त त्रिपाठी ने कहा कि जनपद कन्नौज की तहसील छिबरामऊ में अधिवक्ता द्वारा प्रमाण पत्र में जबरन रिपोर्ट लगाने का महिला लेखपाल पर दबाव बनाया। रिपोर्ट न लगाने पर मारपीट करते हुए दुर्व्यवहार किया गया। इसके बाद सैकड़ों की संख्या में अधिवक्ताओं ने तहसील आकर लेखपालों पर हमला किया। जिससे कई लेखपाल घायल हो गए। जिलामंत्री शिवभान ने कहा कि लेखपालों की तहरीर पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज तो कर दिया लेकिन अभी तक गिरफ्तारी नहीं हुई। उन्होंने दोषी अधिवक्ताओं के खिलाफ कड़ी कार्रवाई न किए जाने पर 27 सितंबर से वृहद आंदोलन की चेतावनी दी है। इसके बाद पांच सूत्री मांगों का ज्ञापन एसडीएम देवेंद्र कुमार को सौंपा। जिसमें दोषी अधिवक्ताओं की तत्काल गिरफ्तारी कराए जाने, इच्छुक लेखपालों को आत्मरक्षा के लिए शस्त्र लाइसेंस निर्गत किए जाने की मांग की है। इस मौके पर मनोज सक्सेना, देवकी नंदन, संदीप सिंह, इंद्रपाल, श्यामलाल, सैय्यद मुबीन, मोहिनी वर्मा, आरती सहित तमाम लेखपाल मौजूद रहे।
चरखारी प्रतिनिधि के अनुसार लेखपालों ने हड़ताल करते हुए धरना दिया और एसडीएम को ज्ञापन सौंपा। इस मौके पर अध्यक्ष बलबीर सिंह राठौर, मंत्री लोकेंद्र सिंह यादव, उपाध्यक्ष उमेश सोनकर, रामकुमार, मयंक कुमार, शेख सलीम सहित तमाम लेखपाल मौजूद रहे।
कुलपहाड़ में अधिवक्ताओं ने सौंपा ज्ञापन
कुलपहाड़ (महोबा)। कुलपहाड़ तहसील के अधिवक्ताओं ने विरोध जताते हुए घटना की घोर निंदा की। बार एसोसिएशन के अध्यक्ष मुहम्मद शाकिर खान के नेतृत्व में अधिवक्ताओं ने मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन नायब तहसीलदार अमरकांत सेन को सौंपा। जिसमें दर्ज मुकदमे वापस लिए जाने व दोषी लेखपालों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। ज्ञापन देने वालों में पूर्व बार अध्यक्ष देवी बाबू, हरेंद्र पाल, प्रमोद मिश्रा, केदारनाथ सक्सेना, सुरेंद्र सिंह यादव, धर्मेंद्र यादव सहित तमाम अधिवक्ता मौजूद रहे।