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Mahoba News: लेखपाल का एलान, किसानों को फसल बीमा न मिलने तक नहीं लूंगा वेतन

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महोबा। एक ओर जहां सरकारी योजनाओं का लाभ लेने में कर्मचारियों पर सुविधा शुल्क मांगने के मामले आए दिन सामने आते हैं। उसी के उलट खरेला क्षेत्र के लेखपाल ने किसानों को फसल बीमा का लाभ न मिलने तक अपना वेतन न लेने का ऐलान किया है। लेखपाल ने यह कदम किसानों के बार-बार क्लेम के बारे में पूछने और नाराजगी जताने पर लिया है। उन्होंने एसडीएम चरखारी को पत्र भेजकर किसानों को क्लेम का भुगतान न होने तक वेतन रोकने की मांग की है।
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विकासखंड चरखारी के खरेला तृतीय में तैनात लेखपाल हुकुम सिंह ने एसडीएम चरखारी स्वेता पांडेय को भेजे पत्र में बताया कि उसने अन्य लेखपालों के साथ मिलकर प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना का गांव-गांव में प्रचार-प्रसार किया था। जागरूक होकर वर्ष 2022 में खरीफ फसल के लिए अधिकांश किसानों ने बीमा कराया था। जिले को प्रदेश में पहला स्थान मिला था। दैवीय आपदाओं के चलते अधिकांश फसलें खराब हो गई थीं। जिसकी सूचना सर्वे के माध्यम से 21 सितंबर 2022 को और क्रॉप कटिंग की रिपोर्ट 11 अक्तूबर को भेज दी गई थी। आठ माह का समय बीत जाने के बाद भी अभी तक किसानों को क्लेम नहीं मिला जबकि सर्वे के एक माह और क्रॉप कटिंग रिपोर्ट के तीन माह बाद बीमित किसानों को क्लेम दिए जाने का प्रावधान है। एक जुलाई 2023 से खरीफ का बीमा फिर शुरू होना है। ऐसे में वह किस विश्वास से किसानों को बीमा कराने के लिए जागरूक करें।
वर्ष 2023 में जिले के 1.45 लाख किसानों ने फसल बीमा कराया था। दैवीय आपदा से अधिकांश किसानों की फसल बर्बाद हो गई थी। सर्वे के बाद 34 हजार किसानों का बीमा क्लेम निरस्त कर दिया गया था। 1.11 लाख किसानों को 180 करोड़ का भुगतान मिलना था। लेकिन अभी तक 100 करोड़ का ही भुगतान हुआ है। शेष 40 फीसदी किसान बीमा क्लेम के लिए परेशान है। उप कृषि निदेेशक अभय कुमार सिंह का कहना है कि शेष किसानों को बीमा की राशि मुहैया कराने के लिए फीडिंग का काम चल रहा है। 25 जून तक भुगतान होने की उम्मीद है।
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