महोबा। कुलपहाड़ क्रिश्चियन मिशन में सालों से काम कर रहे श्रमिकों को बाहर का रास्ता दिखा देने से आधा सैकड़ा से ज्यादा श्रमिक बेकार हो गए हैं। इन श्रमिकों के परिवारों के सामने रोजी-रोटी का संकट पैदा हो गया है। श्रमिकों ने जिलाधिकारी और कमिश्नर को शिकायती पत्र भेजकर जांच कराए जाने की मांग के साथ पुन: नौकरी में रखे जाने की मांग की है।
श्रमिक संतोष, दीपक कुमार, सुरेश, सरोज, मोहन सिंह, धनीराम, भगवान दास, अशोक कुमार, दयाराम, रामकली, विष्णु, कालीचरन सहित तमाम श्रमिकों ने उच्चाधिकारियों को भेजे शिकायती पत्र में बताया कि बेलाताल रोड में संचालित क्रिश्चियन मिशन कंपाउड नाम से एक संस्था संचालित है। जो 40 एकड़ में फैली हुई है। संस्था में 70 से ज्यादा श्रमिक माली, सफाईकर्मी, चौकीदार, बागवानी, बावर्ची (कुक), बढ़ई (कारपेंटर) और कृषि कार्य में लगे हुए थे। जिन्हें संस्था के नवागत जनरल मैनेजर एनके वर्धन ने हटा दिया। श्रमिकों ने आरोप लगाया कि 25 से 30 साल से संस्था में काम करने वाले श्रमिकों की अब आयु भी अधिक हो गई हैं। जिससे वह अन्य कहीं पर काम नहीं कर सकते हैं। रोजी-रोटी छिन जाने से उनका परिवार भुखमरी की कगार पर पहुंच गया है। जिलाधिकारी के आदेश पर मामले की जांच श्रम प्रवर्तन अधिकारी अरुण कुमार तिवारी को सौंपी गई है। उधर संस्था के जनरल मैनेजर का कहना है कि कर्मचारियों द्वारा कहने के बाद भी काम न करने पर उन्हें हटाया गया है।