महोबा। ऐतिहासिक कीरत सागर तट पर चल रहे नौ दिवसीय कजली मेले का रंगारंग कार्यक्रम के साथ समापन हो गया। कजली मेले की अंतिम शाम हरियाणवी गीतों के नाम रही। हिलियंस ग्रुप के कलाकारों ने बॉलीवुड नाइट की प्रस्तुति में गीत-संगीत की महफिल सजाई। हरियाणवी, फिल्मी व देशभक्ति गीतों पर देर रात तक दर्शक झूमते रहे।
कजली मेले की अंतिम शाम का शुभारंभ जिलाधिकारी मृदुल चौधरी ने दीप प्रज्जवलन के साथ किया। इसके बाद राजेश कुमार एंड पार्टी ने तमूरा वादन पेश किया। पीएल पांचाल ने बुंदेली लोक संगीत की महफिल सजाई। उमा प्रजापति एंड पार्टी ने बुंदेली राई नृत्य व सरिता यादव ने लोकनृत्य की प्रस्तुति से बुंदेली लोक संस्कृति की झलक बिखेरी। इंवेट म्यूजिकल ग्रुप के क्रांति रंजन चौरसिया ने सूफियाना गजलों से दर्शकों को झूमने पर मजबूर कर दिया।
इसके बाद हिलियंस ग्रुप ने बॉलीवुड नाइट की प्रस्तुति दी। गायिका अंजलि, वंदना व गायक रौनक ने हरियाणवी गीत चुनरी जयपुर से मंगवाई, 52 गज का दामन पहन मटक चलूंगी जैसे गीतों पर शानदार नृत्य की प्रस्तुति दी। जादू है नशा है मदाहोशियां हैं गीत पर नृत्य की प्रस्तुति से पूरा ग्राउंड तालियाें की गड़गड़ाहट से गूंज उठा। देर रात तक चले कार्यक्रम को देखने के लिए दर्शकों की भीड़ जुटी रही। समापन पर डीएम ने समाजसेवी शिवकुमार गोस्वामी, रामजी गुप्ता, संगीत शिक्षक अबोध सोनी के अलावा कलाकारों को सम्मानित किया। मंच का संचालन अपर्णा नायक ने किया।
आल्हा मंच में चल रहे कार्यक्रमों के अंतिम दिन लखनलाल बुंदेलखंडी लोकनृत्य समिति के कलाकारों ने लोकगीत व राईनृत्य की प्रस्तुति दी। देर रात तक चले कार्यक्रम में दर्शकों की भीड़ जुटी रही। लखनलाल और अन्य कलाकारों ने बुंदेली लोकगीतों के साथ शेर-शायरी से दर्शकों को जमकर लुभाया। आल्हा मंच के अध्यक्ष शरद तिवारी दाऊ ने उत्कृष्ट कार्य करने वाले लोगों व कलाकारों को शॉल, स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया।