खरका तालाब में काम बंद होने से पसरा सन्नाटा
- फोटो : MAHOBA
बेलाताल (महोबा) में खरका तालाब की भूमि को लेकर खंड विकास अधिकारी जैतपुर और वन रेंजर अजनर के बीच ठन गई। वन रेंजर ने तालाब की भूमि में अपना कब्जा बताते हुए ग्राम प्रधान द्वारा कराए जा रहे कार्य को रुकवा दिया। जबकि खंड विकास अधिकारी तालाब की भूमि को ग्राम पंचायत की भूमि बता रहे हैं। अब बीडीओ ने तालाब की भूमि की नाप कराए जाने के लिए एसडीएम कुलपहाड़ से बात की है।
ग्राम पंचायत जैतपुर क्षेत्र के खरका तालाब की सफाई के लिए मनरेगा के तहत श्रमिकों से कार्य कराया जा रहा था। सामाजिक दूरी के साथ तीन दिनों से कार्य कर रहे मजदूरों को शनिवार को वन रेंजर अजनर ने काम करने से मना कर दिया। वन क्षेत्राधिकारी बीके सिंह का कहना है कि खरका तालाब वन विभाग की जमीन है।
ग्राम पंचायत वन विभाग की भूमि पर काम करा रही थी इसलिए काम रुकवा दिया। अब राजस्व विभाग और वन विभाग की संयुक्त टीम भूमि की नाप करेगी। खंड विकास अधिकारी प्रशांत कुमार का कहना है कि मनरेगा के तहत श्रमिकों को काम देने की गरज से तालाब खुदाई में काम पर लगाया गया था।
जिस पर भूमि विवाद को लेकर वन विभाग ने आपत्ति जताते हुए पहले नाप कराने की बात कही। अब एसडीएम कुलपहाड़ मोहम्मद उवैस को भूमि की नाप कराने के लिए पत्र भेज दिया है। नाप के बाद ग्राम पंचायत की भूमि निकलने पर काम शुरू करा दिया जाएगा।