संवाद न्यूज एजेंसी
महोबा। जिले के चरखारी ब्लॉक के पड़ोरा गांव के किसानों के नाम पर फर्जी तरीके से पॉलिसी लेकर क्लेम हड़पने का मामला सामने आया है। रबी सीजन-2024 में इस गांव के 27 किसानों की जमीन पर फर्जी तरीके से बीमा कराया गया। क्लेम की धनराशि गुजरात के जूनागढ़ और जालौन के डकोर में बैंक खातों में भेजी गई है। किसान नेता गुलाब सिंह राजपूत ने मामले में सख्त कार्रवाई की मांग की है।
प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत रबी-2024 में हुए घोटालों की शृंखला लंबी होती जा रही है। पहले जिले की कुलपहाड़ तहसील क्षेत्र के ग्राम जैतपुर में स्थित वन विभाग, तालाब, बंधान, चकरोड व मंदिर की जमीन पर फर्जी तरीके से फसल बीमा कराने का मामला सामने आया था। इसके बाद चरखारी तहसील के कुआं गांव में भी किसानों की जमीनों पर फर्जी तरीके से बीमा कराकर क्लेम गुजरात, दिल्ली और मप्र में खुले बैंक खातों में भेजने का खुलासा हुआ। अब पड़ोरा गांव में किसानों की जमीन पर फर्जी तरीके से बीमा कराके क्लेम हड़पे जाने का मामला आया है।
जय जवान जय किसान एसोसिएशन के अध्यक्ष गुलाब सिंह राजपूत का कहना है कि इस गांव के किसान रामबालक, चंद्रपाल, महेंद्र, सुरेश कुमार, राजेंद्र, गोविंद नारायण, देवनारायण, रवि नारायण, गीतादेवी, रूपनारायण, राजीव, प्रमोद, नंदकिशोर, बबलू, अमित कुमार आदि 27 किसानों की 552 बीघा जमीन पर 86 बीमा पॉलिसियां अलग-अलग नामों से ली गईं। इन पॉलिसी में दर्ज नाम, मूल किसान के नाम से भिन्न होने से इन सभी पॉलिसी के फर्जी होने की आशंका है।
सभी 86 पॉलिसी के रिकाॅर्ड के अनुसार उन्होंने रबी-2024 सीजन में चना की फसल बोई व प्राकृतिक आपदा से नुकसान दिखाकर भारी भरकम क्लेम लिया, जो गुजरात के जूनागढ़, जालौन के डकोर में खुले बैंक खातों में भी भेजा गया। इससे आशंका है कि बीमा कंपनी के कर्मचारियों की मिलीभगत से बाहरी लोगों के नाम से फर्जी तरीके से पॉलिसी कराते हुए क्लेम को हड़पा गया है।
यहां पर 12 लाख की धनराशि का भुगतान व्यक्तिगत दावे, एक लाख रुपये पोस्ट हार्वेस्ट के आधार पर और 26 लाख रुपये की धनराशि क्रॉप कटिंग के आधार पर भुगतान की गई। किसान नेता गुलाब सिंह राजपूत कहते हैं कि खरीफ में घोटाले की तो जांच चल रही है लेकिन रबी में घोटाला होने की बात तो अधिकारी स्वीकार ही नहीं कर रहे हैं। यदि इसकी एसआईटी से जांच कराई जाए तो करोड़ों रुपये का घोटाला सामने आएगा।