महोबा। ग्राम पंचायत पनवाड़ी में कचरा सफाई, आरसीसी सेंटर समेत अन्य कार्यों में बड़े पैमाने पर सरकारी धन के बंदरबांट की पुष्टि हुई है। शिकायत पर अफसरों की जांच और जिलाधिकारी को दी गई आख्या के बाद यह मामला चर्चा में आया है। जिलाधिकारी ने प्रधान समेत अन्य जिम्मेदारों से स्पष्टीकरण तलब किया है। उन्होंने जवाब नहीं मिलने पर कार्रवाई की चेतावनी दी है।
जिलाधिकारी गजल भारद्वाज ने प्रधान पनवाड़ी संजय द्विवेदी को नोटिस जारी करते हुए स्पष्टीकरण मांगा है। नोटिस में कहा गया कि घूरा एवं नाली कचरा निस्तारण कार्य अप्रैल 2025 से जनवरी 2026 तक, मिट्टी भराई कार्य कैलाश से धीरेंद्र सोनी के मकान तक, ग्राम पंचायत में स्ट्रीट लाइट, विभिन्न स्थानों पर क्रॉस जाल, नाला निर्माण, नाला-नाली सफाई, सीसी निर्माण जैसे कार्यों पर खर्च का विवरण देखने के लिए अफसर समय-समय पर पहुंचे। अफसरों ने अभिलेखों की जांच के बाद सरकारी धन के दुरुपयोग की पुष्टि की है। घूरा व नाली का कचरा निस्तारण के नाम पर दस माह में करीब 26 लाख से अधिक की धनराशि खर्च पाई गई। जिसमें एक ही व्यक्ति ने कई जगहों पर हस्ताक्षर किया है। मजदूरों के भुगतान में भी बड़े पैमाने पर अनियमितता की पुष्टि हुई। इसी तरह से मजदूरों के नाम पर सरकारी छुट्टी के दिनों में भी काम दिखाकर पैसा निकाला गया। आरसीसी सेंटर की गुणवत्ता भी पूरी तरह से खराब पाई गई। सफाई आदि के लिए किए गए टेंडरों में भी अनियमितता मिली। इसमें प्रधान, सचिव और कंसल्टिंग इंजीनियर की भूमिका बताई गई है। जिलाधिकारी ने प्रधान को अपना पक्ष रखने के लिए उनका जवाब मांगा है। उधर, डीपीआरओ चंद्रकिशोर वर्मा का कहना है कि ग्राम पंचायत पनवाड़ी में धनराशि का दुरुपयोग किया गया है। प्रधान व सचिव को नोटिस भेजकर एक सप्ताह के अंदर जवाब मांगा गया है। इसके बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।