महोबा। दिल्ली, नोएडा, आगरा आदि स्थानों से 24 घंटे के अंदर सैकड़ों की संख्या में लोग जिले में आए। कोई बस से तो कोई पैदल ही घर पहुंचा। इस दौरान सभी की जांच जिला अस्पताल में कराई गई। जांच कराने के लिए लोगों की जिला अस्पताल में लंबी कतारें लगी रहीं। एक मीटर की सामाजिक दूरी बनाने का नियम भी काम नहीं आया। एक दूसरे के पीछे सटकर खड़े लोग अपनी बारी का इंतजार करते रहे।
कोरोना के बढ़ते संक्रमण को लेकर महानगरों में परिवार समेत काम करने वाले लोग घरों को लौट रहे हैं। शासन ने कुछ बसों को भी विभिन्न जिलों के लिए रवाना किया। जिससे घरों को लौटने वालों की संख्या में तेजी से इजाफा हुआ है। जिला अस्पताल में अचानक महानगरों से आने वाले लोगों की जांच के लिए संख्या बढ़ गई। तब अस्पताल प्रशासन ने डॉक्टरों की तीन टीमें लगाकर सभी की जांच कराई। सुबह से लेकर शाम तक अस्पताल के बाहर सड़क तक लोगों की कतारें लगी रहीं।
अस्पताल प्रशासन द्वारा सामाजिक दूरी का पालन कराने के लिए एक-एक मीटर की दूरी बनाए गए गोले पर कोई भी व्यक्ति खड़ा नजर नहीं आया। धूप तेज होने के चलते लोग एक दूसरे से सटकर खड़े रहे। जिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. आरपी मिश्रा स्वयं व्यवस्थाओं का जायजा लेते रहे। इस दौरान सपा कार्यकर्ताओं ने अस्पताल पहुंच बाहर से लौटे तमाम लोगों को भोजन कराया। श्रमिकों को जांच कराने में पांच से छह घंटे का समय लगा।
श्रमिकों के गांव पहुंचने पर लोग अशंकित
खरेला (महोबा)। खरेला से जुड़े एक दर्जन से अधिक गांवों में महानगरों से श्रमिकों के घर लौटते पर ग्रामीण कोरोना के चलते डरे हैं। ग्राम प्रतिनिधियों की जागरूकता से कई श्रमिकों की जांच हो रही है लेकिन अधिकांश लोग जांच कराए बगैर ही घरों में पहुंच रहे हैं। खरेला के नगर पंचायत की आबादी के अलावा जुड़े 22 गांव में बीते तीन दिन से बाहर रहने वाले लोगों के आने का सिलसिला जारी है।
सरकार की तमाम अपील और बंदी के बावजूद श्रमिकों के गांव पहुंचने से ग्रामीण दहशत में हैं। ग्राम कुड़ार में 15, धवारी में 10, बारी में 12, खरेला देहात में 11, पुन्नियां में 15, कुआं में 9, पड़ोरा में 10, पहरेथा में 8, ऐचाना में 13, बराय में 9 श्रमिकों के गांव में आने की जानकारी प्रधानों द्वारा दी गई है। थाना प्रभारी राजू सिंह ने बताया रोग की भयावह दशा को देखते हुए जानकारी मिलते ही गांव जाकर ग्रामीणों और आने वाले श्रमिकों को जागरूक कर रहे है।
छात्रवृत्ति खर्च कर बांटे साबुन
खरेला। केरोना से बचाने को भले ही समाजसेवा का दम भरने वाले सामने न आ रहे हो, लेकिन शिक्षित युवा पीड़ितों की मदद करने में पीछे नहीं है। ग्राम परथनिया निवासी मोतीलाल अहिरवार की स्नातक कर रही पुत्री पूजा ने संक्रमण से ग्रामीणों को बचाने के लिए खाते में जमा छात्रवृत्ति के पैसों से एक हजार साबुन खरीदें हैं। अब वह घर-घर साबुन वितरित कर महिलाओं, बच्चों और वृद्धों को रोग की भयावहता बताते हुए रोजाना दिन ने पांच बार हाथ धोने की अपील कर रही हैं।
जिला अस्पताल में जांच कराने के लिए कतारों में लगे लोग- फोटो : MAHOBA