अपर जिला जज एवं सत्र न्यायाधीश संजय हरि शुक्ल ने
हत्या के मामले में दो लोगों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। साथ ही दोनों
पर जुर्माना भी ठोंका। अदालत ने आरोपियों को पुलिस हिरासत में जेल भेज
दिया।
कोतवाली महोबा के ग्राम टीकामऊ निवासी प्यारे लाल के चाचा को
गांव के ही मनोज ने पीटकर अधमरा कर दिया था। भतीजे प्यारे लाल ने विरोध
किया तो मनोज प्यारे लाल से रंजिश रखने लगा।
जेल से छूटने के बाद
मनोज प्यारे लाल को मारने की फिराक में था। 25 जुलाई 2012 को प्यारे लाल
शौच क्रिया से वापस घर जा रहा था। इसी दौरान मनोज ने अपने साथी ब्रजराज के
साथ मिलकर उसे घेर लिया और लाठी-डंडों और कुल्हाड़ी से हमला कर दिया।
उसके
भाई मगन और श्रीपाल ने ललकारा तो हमलावर भाग गए। नाजुक हालत में उसे जिला
अस्पताल ले जाया गया, जहां उसकी मौत हो गई थी। घटना की रिपोर्ट मृतक के
भाई मगन ने मनोज और ब्रजराज के खिलाफ कोतवाली महोबा में दर्ज कराई थी।
न्यायाधीश
ने गुरुवार को दोनों पक्षों के गवाह और बहस सुनने के बाद ब्रजराज और मनोज
को हत्या का दोषी ठहराते हुए दोनों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई।
साथ
ही मनोज पर 80 हजार और ब्रजराज पर 40 हजार का जुर्माना किया। मुकदमे की
पैरवी सरकार पक्ष की ओर से जिला शासकीय अधिवक्ता अशोक कुमार त्रिपाठी ने
की। अदालत ने दोनों आरोपियों को पुलिस हिरासत में जेल भेज दिया।