खरेला (महोबा)। कस्बा खरेला के मोहल्ला डिंगूर्राय में कर्ज व फसल बर्बाद होने से परेशान किसान ने फांसी लगाकर जान दे दी। पत्नी ने मृतक पर करीब तीन लाख रुपये साहूकारों का कर्ज होना बताया है। पुलिस आत्महत्या के कारणों की जांच कर रही है।
मोहल्ला डिंगुर्राय निवासी उमाशंकर नामदेव (43) के पास साढ़े तीन बीघा भूमि थी। जिसमें खेती किसानी के साथ मेहनत मजदूरी करके किसान परिवार का भरण पोषण करता था। कई वर्षों से खेती में सही उपज न होने और मजदूरी न मिलने पर उसने साहूकारों से करीब तीन लाख रुपये कर्ज ले रखा था। जिसकी अदायगी की चिंता उसे सता रही थी। छह दिन पहले तेज आंधी में किसान की मटर की फसल बर्बाद हो गई थी। जिससे वह परेशान रहने लगा। शनिवार की सुबह पत्नी विनीता खेत में फैली मटर की फसल बीनने गई थी जबकि छोटा पुत्र अभिषेक गांव के परिषदीय विद्यालय गया था। इसी दौरान किसान ने मकान के कमरे में रस्सी का फंदा बनाकर फांसी लगा ली। जिससे उसकी मौत हो गई। जब पुत्र घर वापस लौटा तो घटना की जानकारी हुई।
पुलिस को मृतका की पत्नी विनीता ने बताया कि बड़ा बेटा शुभम दिल्ली में रहकर मेहनत मजदूरी का काम करता है। कर्ज की अदायगी व फसल बर्बाद होने से पति परेशान रहते थे। जिसके चलते उन्होंने यह कदम उठाया। सूचना पर एसडीएम चरखारी राकेश कुमार के निर्देश पर कानूनगो कामता प्रसाद त्रिपाठी व लेखपाल इंद्रपाल ने घटनास्थल पहुंच आत्महत्या के कारणों की जांच की।