महोबा। गेहूं खरीद केंद्र अधिकारियों की लापरवाही से किसानों का सैकड़ों क्विंटल गेहूं भीग गया है। वहीं कुछ स्थानों पर कर्मचारी बारिश से गेहूं को बचाते नजर आए। जिला खाद्य एवं विपणन अधिकारी रामकृष्ण पांडेय ने बताया कि केंद्रों में रखे गेहूं की उठान कराई जा रही है। जल्द ही केंद्रों में बारदाना भेजा जाएगा।
कस्बा श्रीनगर के सहकारी संघ में संचालित गेहूं खरीद केंद्र में अब तक 5,200 क्विंटल गेहूं की खरीद की गई है लेकिन पीसीएफ द्वारा महज 2,600 क्विंटल की उठान की गई। जिससे किसानों का खरीदा गया आधा गेहूं केंद्र में रखा है। तीन दिन से बूंदाबांदी व बारिश होने से किसान व केंद्र प्रभारी प्रतिदिन पॉलिथीन लगाकर गेहूं को भीगने से बचाने में जुट जाते हैं। वहीं केंद्र के बाहर खड़े गेहूं लदे ट्रैक्टरों को भी किसान बारिश होने पर पॉलिथीन से ढकते नजर आए। दोपहर के समय तेज बारिश होने से कुछ गेहूं भीग गया। केंद्र प्रभारी विक्रम सिंह का कहना है पीसीएफ को कई बार गेहूं उठाने के लिए कहा गया लेकिन ट्रक नहीं भेजे जा रहे हैं।
नवीन गल्ला मंडी अजनर में संचालित गेहूं खरीद केंद्र में बारदान की कमी और एक कांटा होने का खामियाजा किसानों को भुगतना पड़ रहा है। किसान तीन दिन से खुले मैदान में अपना आशियाना बनाकर गेहूं की देखभाल कर रहे हैं। बारिश के चलते केंद्र के बाहर खड़े छह ट्रैक्टर पॉलिथीन से छके नजर आए। नंबर न आने से किसान परेशान हैं। किसाना रामगुलाम, प्रमोद कुमार, श्रीपत, बिक्कू, शत्रुघन राजपूत आदि का कहना है कि खरीद के लिए उनका नंबर न आने से ट्रैक्टरों में रखा गेहूं पानी में भींगकर बर्बाद हो रहा है। केंद्र प्रभारी भूपकिशोर अहिरवार ने बताया कि अभी तक छह हजार क्विंटल की खरीद हो चुकी है। उठान न होने से दिक्कत आ रही है।
गेहूं खरीद केंद्र भरवारा में दस दिन से गेहूं खरीद बंद हैं। किसानों से पल्लेदारी के नाम पर अधिक पैसा वसूलने के आरोप में केंद्र प्रभारी निलंबित हो चुके हैं। अफसरों ने दो दिन के अंदर नए केंद्र प्रभारी की नियुक्ति करने का भरोसा दिया था लेकिन आज तक खरीद शुरु नहीं हो सकी। किसानों से खरीदा गया 300 क्विंटल गेहूं टीनशेड के नीचे रखा है। जो बारिश के मौसम में भीग रहा है। खरीद शुरू होने के इंतजार में किसानों के ट्रैक्टर केंद्र के बाहर खड़े हैं। बारिश के मौसम में किसान गेहूं बचाने के लिए पॉलिथीन ढक रहे हैं। किसानों का कहना है कि यदि एक दो दिन खरीद और नहीं होती तो वह खुले बाजार में गेहूं बेचने को मजबूर होंगे।
कस्बा श्रीनगर के किसान प्रभाकर राव का कहना है कि धीमी गति से गेहूं खरीद होने से किसान परेशान है। मौसम का मिजाज रोजाना बदल रहा है। जिससे उन्हें वाहनों में लदे गेहूं को पॉलिथीन से ढककर रखना पड़ रहा है। तीन दिन से वह केंद्र के बाहर खड़े हैं। जिससे उन्हें परेशानी हो रही है।
किसान प्रकाश साहू का कहना है कि बेमौसम बारिश से किसानों का गेहूं केंद्र में भींग रहा है। पानी से बचाव के कोई व्यवस्था नहीं है। किसानों को अपना गेहूं बचाने के लिए स्वयं इंतजाम करना पड़ रहे हैं। बुधवार को अचानक बारिश होने से केंद्र में रखा गेहूं व ट्रैक्टरों में रखा किसानों का गेहूं भींग गया।