फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

घर-घर बैठे चारों धाम, पहले इनको करो प्रणाम....

विज्ञापन
विज्ञापन
महोबा। एकल समिति के तत्वावधान में शनिवार की रात शहर के एक गेस्ट हाउस में आयोजित कवि सम्मेलन में कवियों ने रचनाएं पेश कर समा बांध दिया। कवि राम प्रकाश पुरवार ने माता-पिता को चारों धाम बताते हुए रचना ‘घर-घर बैठे चारों धाम, पहले इनको करो प्रणाम’ सुनाकर खूब वाहवाही लूटी।
विज्ञापन

कवि सम्मेलन का शुभारंभ अधिवक्ता प्रमोद कुमार सक्सेना ने मां सरस्वती की वंदना के साथ किया। उन्होंने रचना ‘सबका हो साथ और सबका विकास बंधु, नीतियां समाज बीच ठोस होनी चाहिए’ पेश करके मोहा। साहित्यकार संतोष कुमार पटैरिया ने रचना ‘बांट दिया है उजियारा सब नभ भी सूना दिखता है, हंसों की तकदीर यहां तो घायल कौवा लिखता है’ सुनाकर खूब तालियां बटोरी। संगीताचार्य पं. जगप्रसाद तिवारी ने भ्रूणहत्या पर रचना पढ़ते हुए कहा कि ‘लेहौं जनम तुमाये घर में, घर में हो उजियारो’ सुनाकर जागरूक किया। कवि रामप्रकाश सोनी, देवनारायण, पुष्पेंद्र निर्भय व माधवेंद्र ने भी रचनाए पेश कीं। समापन पर पूर्व मंत्री शिवशंकर सिंह पटेल व कोऑपरेटिव बैंक के अध्यक्ष चक्रपाणि त्रिपाठी ने कवियों को सम्मानित किया। इस मौके पर कमलेश चौरसिया, राजीव लोचन शुक्ला, लायक सिंह, दाऊ तिवारी आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें