महोबा। भारत सरकार की ओर से लागू किए गए यूजीसी रेगुलेशन अधिनियम के विरोध में मंगलवार को राजपूत करणी सेना के पदाधिकारी व कार्यकर्ता सड़कों पर उतर आए। कार्यकर्ताओं ने कलक्ट्रेट में धरना प्रदर्शन कर विरोध जताया। बाद में राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन डीएम गजल भारद्वाज को सौंपकर इस कानून को समाप्त करने की मांग की।
राजपूत करणी सेना के जिलाध्यक्ष प्रदीप सिंह भदौरिया के नेतृत्व में सौंपे ज्ञापन में बताया कि भारत सरकार की ओर से 15 जनवरी 2026 को यूजीसी रेगुलेशन अधिनियम लागू किया गया। इससे सभी सामान्य वर्ग के छात्र-छात्राओं का उत्पीड़न होगा। सभी अन्य वर्ग के छात्र-छात्राएं हीन भावना की वजह से झूठे आरोप सिद्ध कर सामान्य वर्ग के छात्रों को शिक्षा से वंचित करने को मजबूर कर देंगे।
सामान्य वर्ग के छात्रों को अधिक मेरिट की आवश्यकता होती है। अन्य वर्ग के छात्रों को आरक्षण का लाभ भी मिल जाता है फिर भी सामान्य वर्ग के बच्चों का हर तरह से उत्पीड़न किया जा रहा है। सामान्य वर्ग के लोगों ने अपने बच्चों को मेहनत मजदूरी कर दिल्ली, पंजाब, हरियाणा, गुजरात, कानपुर आदि महानगरों में शिक्षा दिलाई लेकिन भारत सरकार के इस यूजीसी कानून से उनकी मेहनत पर पानी फिर रहा है।
इस अधिनियम को वापस लिया जाए। विरोध प्रदर्शन के दौरान करणी सेना के जितेंद्र सिंह, आरती सिंह, शिवम राजावत, नीलेंद्र सिंह, दिनेश सिंह, साहिल, अरविंद सिंह, योगेंद्र सेंगर, प्रिंस सिंह, जनक सिंह, अंकित नायक आदि मौजूद रहे।