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कर्मचारियाें ने निकाला मशाल जुलूस

Fri, 27 Feb 2015 12:15 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, महोबा
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केंद्रीय कर्मचारियों की तरह भत्ते, पुरानी पेंशन की बहाली, ग्रेच्युटी दस लाख किए जाने सहित दस सूत्रीय मांगों को लेकर गुरुवार को राज्य कर्मचारियों ने शहर में मशाल जुलूस निकालकर प्रदर्शन किया। साथ ही कर्मचारी एकता जिंदाबाद के नारे लगाए।
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तहसील प्रांगण से राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के अध्यक्ष सुनील शर्मा और मंत्री सुलेमान के नेतृत्त्व में मशाल जुलूस निकाला गया। जुलूस शहर के मुख्य मार्गों से होता हुआ पुरानी कलेक्ट्रेट पहुंच कर धरने में तब्दील हो गया। यहां कर्मचारी नेताओं ने सरकार की वादाखिलाफी पर विरोध जताया।

कर्मचारियों को संबोधित करते हुए परिषद अध्यक्ष सुनील शर्मा ने कहा कि कर्मचारियों को 300 दिवस के स्थान पर 600 दिवस का अर्जित अवकाश दिया जाए। कहा कि सहमति के बाद भी सरकार रिजवी समिति की संस्तुतियाें को लागू नहीं कर रही है। वर्षों से रिक्त पड़े पदों में भर्ती किए जाने की मांग की।
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संयोजक एमपी भदौरिया ने कहा कि प्रदेश सरकार ने जिन मांगों को स्वीकार किया। उनके शासनादेश आज तक जारी नहीं किए गए। इससे कर्मचारियों को कोई लाभ नहीं मिल पा रहा है।

परिषद के मंत्री ने कहा कि यदि सरकार द्वारा जल्द ही मांगो का निस्तारण नहीं किया गया तो कर्मचारी आंदोलन का रास्ता अख्तियार करने को विवश होंगे। कहा कि मशाल जुलूस से विरोध प्रदर्शन आरंभ कर दिया है।

विरोध जारी रहेगा। महेंद्र भदौरिया, राजकुमार लखेरे, सुंदरलाल, परमलाल कुशवाहा, प्रदीप खरे, केपी तिवारी, विनोद वर्मा, रामेश्वर वर्मा, रवि बौद्ध, अवधेश तिवारी, चंद्रपाल यादव, निर्भय सिंह प्रमोद पांडेय, राना, इरशाद अली रिजवान अहमद सहित तमाम वक्ताओं ने धरने को संबोधित किया। इसके बाद मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन तहसीलदार गुलाब सिंह को साैंपा।
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