महीनों से कबरई-कानपुर मार्ग में बनाए गए टोल बैरियर में वाहनों की इंट्री करने के बाद भारत सरकार के गजट प्रकाशित होते ही टोल की वसूली शुरू हो गई। जिससे अब इस मार्ग से कानपुर जाने वाले वाहनों को 70 रुपये टोल चुकाना होगा। साथ ही जिले की सीमा में आने-जाने वाले वाहनों को भी हाईवे में चलना महंगा पड़ेगा।
पिछले मार्च माह में पीएनसी कंपनी ने कबरई तिराहे से नौबस्ता कानपुर तक 123 किलोमीटर सड़क का निर्माण 400 करोड़ की लागत से किया था। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण एनएचएआई से पीएनसी कंपनी के करार के मुताबिक हाईवे सड़क निर्माण के उपरांत अपनी लागत की वसूली ग्राम बरभौली के पास और घाटमपुर के पास टोल बैरियर के माध्यम से वाहनों से वसूली कर भरपाई करेगी। जो 12 वर्षो तक होगी। एनएचएआई के प्रबंधक सत्यनारायण के मुताबिक इस हाईवे से गुजरने वाले सभी वाहनों को शुल्क की अदायगी करनी होगी। छोटे हल्के चार पहिया वाहनों को बरभौली में 40 और सजेती घाटमपुर में 35 रुपये टोल की अदायगी अनिवार्य कर दी गई है। केवल गजट में अधिसूचित वाहनों को ही शुल्क में छूट रहेगी। इस मार्ग से 2500 से अधिक वाहन प्रतिदिन गुजरते हैं। जिनसे पीएनसी टोल की वसूली करेगी। भारी वाहनों की टोल दरें लोड पर निर्भर करेंगी। एनएचएआई के करार के मुताबिक इस मार्ग में 12 साल तक पीएनसी कंपनी ही मार्ग का अनुरक्षण करेगी। साथ ही वाहनों को आवश्यक एंबुलेंस आदि की सुविधाए भी उपलब्ध कराएंगी।
जिले की सीमा में जाने पर लगेगा टोल
कबरई। अब महोबा जिले की सीमा खन्ना तक आने जाने वाले चार पहिया वाहनों को भी टोल देना होगा। आसपास के गांवों के ग्रामीण अपने वाहन के उपयोग पर 230 रुपये मासिक टोल अदा कर जिले में स्वतंत्र रूप से पूरे महीने हाईवे में फर्राटे भर सकेंगे।
दो घंटे में पूरा होगा कानपुर का सफर
कबरई से कानपुर तक दो दशक से खराब रही सड़क द्वारा कानपुर तक की यात्रा में पांच घंटे लग जाते थे। जाम के चलते इस मार्ग में यात्रा करना मुसाफिरों के लिए टेढ़ी खीर था। अब 123 किलोमीटर लंबे सफर में कहीं भी स्पीड ब्रेकर नहीं हैं। गड्ढे पूरी तरह समाप्त हो गए है। जिससे अब कानपुर की यात्रा दो घंटे में पूरी होगी।