फिल्टर प्लांट में भरा गंदा पानी।
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कबरई। अभी गर्मी का आगाज ही हुआ है कि कबरई बांध ने जवाब दे दिया। इससे पेयजल आपूर्ति ठप हो गई। इस पर जिला प्रशासन ने टैंकरों से पानी पहुंचाया। कस्बे में टैंकरों से पानी पहुंचाने के लिए 34 प्वांइट बनाए गए हैं।
1992 में कबरईवासियों को पानी देने के लिए 125 करोड़ रुपये की लागत से बांध का निर्माण कराया गया था। इसके बाद कस्बे में 45 किमी पाइप लाइन बिछाकर पानी की आपूर्ति शुरू की गई थी। दो साल से बारिश न होने से इस साल कबरई बांध सूख गया है। इससे कस्बे में पेयजल आपूर्ति ठप हो गई है। लोग बूंद बूंद पानी की लिए तरस रहे हैं।
कबरई क्षेत्र में पानी की कमी की दूर करने के लिए 800 करोड़ रुपये की लागत से शुरू की गई अर्जुन सहायक परियोजना शुरू की गई। इसके तत लहचूरा बांध से कबरई बांध तक डेढ़ सौ फीट चौड़ी नहर बनानी थी। अभी काम पूरा भी नहीं हुआ। कबरई बांध सूख गया।