महोबा। जिला पंचायत अध्यक्ष पद पर भाजपा प्रत्याशी जय प्रकाश अनुरागी ने सपा के मृत्युंजय प्रताप को हरा दिया। 14 सदस्यों ने मतदान किया। जिसमें जय प्रकाश को 10 व मृत्युंजय प्रताप को चार मत मिले। जिला निर्वाचन अधिकारी ने जय प्रकाश को प्रमाणपत्र सौंपा। सपा प्रत्याशी ने शासन-सत्ता पर सदस्यों का उत्पीड़न कर जीत हासिल करने का आरोप लगाया है।
शनिवार को जिला पंचायत अध्यक्ष पद के लिए भारी पुलिस बल तैनात रहा। एसपी आफिस के पास बैरियर लगाकर वाहनों को रोक दिया गया। सुबह 11 से दोपहर 3 बजे तक मतदान करने का समय निर्धारित था। जिसमें कुल 14 सदस्यों ने निर्धारित समय से पहले पहुंचकर मतदान किया। सुबह करीब 11.15 बजे सपा जिलाध्यक्ष के साथ पहुंचकर प्रत्याशी मृत्युंजय प्रताप ने मतदान किया। इसके बाद 11.45 बजे भाजपा जिलाध्यक्ष जितेंद्र सिंह सेंगर के साथ जेपी अनुरागी समेत आठ सदस्य मतदान करने पहुंचे। 1.30 बजे तक सभी सदस्यों ने मतदान कर दिया। इस दौरान जिला निर्वाचन अधिकारी, प्रेक्षक नगेंद्र सिंह मौजूद रहे। सपा प्रत्याशी मृत्युंजय प्रताप ने सदस्यों के राइटर के स्थान पर बीजेपी नेताओं द्वारा वोट डालने का आरोप लगाया है।कलक्ट्रेट के बाहर सांसद पुष्पेंद्र सिंह चंदेल, विधायक राकेश गोस्वामी, जिलाध्यक्ष जितेंद्र सिंह सेंगर, पूर्व सांसद गंगाचरण राजपूत, सहकारी बैंक के अध्यक्ष चक्रपाणि त्रिपाठी मौजूद रहे।
सूचना अधिकारी पुलिस से हुई झड़प
करीब 11.45 बजे पहुंचे सूचना अधिकारी सतीश कुमार पहुंचे तो पुलिस ने उन्हें मुख्य गेट पर रोक दिया। इसके बाद उनके अंदर जाने को लेकर तीखी झड़प हो गई। बाद में सूचना अधिकारी को जाने दिया गया।
भाजपा ने यह चुनाव बेइमानी से जीता है। जो राइटर होते वह परिवार के खूनी रिश्ते होते हैं। सदस्यों के वोट बीजेपी नेताओं ने डाले हैं। प्रशासन मूकदर्शक बना बैठा रहा। इसको लेकर पर्यवेक्षक व डीएम से शिकायत की लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई है।
प्राण सिंह यादव, सपा जिला ध्यक्ष
भारतीय जनता पार्टी का कार्यकर्ता 25 साल बाद जिला पंचायत अध्यक्ष पद काबिज हुआ है। सपा ने राइटर को लेकर जो आरोप लगाए हैं वह बेबुनियाद हैं। सभी राइटर ने नियम के अनुसार वोट डाले हैं। सपा ने हार की बौखलाहट के कारण बेबुनियाद आरोप लगाए हैं।
जितेंद्र सिंह सेंगर, बीजेपी जिलाध्यक्ष