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झमाझम बारिश से तालाब ओवरफ्लो

Sat, 30 Jul 2016 11:44 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो, महोबा
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उरवारा तालाब से ओवर फ्लो होने के बाद बहता पानी। - फोटो : अमर उजाला
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जिले में दो दिन से हो रही मूसलाधार बारिश के चलते सड़कों पर जलभराव से आवागमन ठप रहा। वहीं, कई तालाब ओवरफ्लो हो गए। जिससे तालाबों का पानी बस्ती में घुसने से कई लोगों के घरों और मकानों में पानी भर गया। जिससे सारा दिन लोग घरों से पानी निकालने में जुटे रहे। उरवारा तालाब ओवरफ्लो होने से सिंचाई विभाग दिन भर बालू की बोरियों की मदद से बंधा बनाने में जुटा रहा।
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शुक्रवार की रात से रुक-रुककर हो रही बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। शहर के इलाहाबाद बैंक के सामने, आल्हा चौक, पारस होट में दो दो फीट पानी भर जाने से राहगीरों को खासी परेशानी हुई। वहीं, सड़कों पर जलभराव के चलते दो पहिया वाहन चालक नहीं निकल सके। पुरानी गल्लामंडी और परेड मैदान तालाब बन गया। नालों में जल निकासी की सुविधा न होने से सड़कों पर भरा पानी मुसीबत बन गया।

श्रीनगर प्रतिनिधि के अनुसार, ग्राम उरवारा का चंदेलकालीन सरोवर व श्रीगनर का दाऊ तालाब ओवरफ्लो हो जाने से आंगनबाड़ी केंद्र, पंचायत भवन के अलावा राजकुमार, शंकरलाल, शंभूदयाल, कलूटा, चिंरोजी, कल्लू, रामदयाल सहित एक दर्जन ग्रामीणों के घरों में पानी भर गया। जिसमें से करीब चार लोगों के कच्चे मकान गिर गए। झमाझम बारिश के चलते गांव में चारो तरफ पानी भर जाने से सड़के गलियां गायब हो गईं।
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गांव में घुस रहे पानी को रोकने के दिए निर्देश
उरवारा तालाब के ओवरफ्लो होने के बाद बस्ती में घुस रहे पानी की खबर मिलते ही प्रशासनिक अधिकारियों ने गांव पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। साथ ही बस्ती में घुस रहे पानी को रोकने के लिए मार्ग पर बालू से भरी बोरियां डलवाई।

एसडीएम नंहकू ने सफाई कर्मचारियों को भी बस्ती में घुस रहे पानी को रोकने के लिए ग्रामीणों की मदद करने के निर्देश दिए। साथ ही सिंचाई विभाग के अभियंता को कर्मचारियों को लगाकर पानी रोकने के निर्देश दिए। इस मौके पर एसडीएम के अलावा तहसीलदार कुंजबिहारी, सिचंाई विभाग के अधिशाषी अभियंता विशंभर सिंह, चरखारी सीओ गुरुदयाल कटियार आदि अधिकारी मौजूद रहे।

200 एकड़ खरीफ की फसल बर्बाद
शनिवार को रुक-रुक कर दिनभर हुई बारिश के चलते तमाम खेत तालाब बन गए। जिससे 200 एकड़ में बोई गई खरीफ की फसल बर्बाद हो गई। अब किसान फसल को बचाने के लिए खेतों से पानी को निकालने में जुटे हुए है।

इस साल माह जुलाई के शुरूआत में ही बेहतर बारिश होने से किसानों ने खेतों में मूंग, उरद, मूंगफली, अरहर, ज्वार की फसल की बुवाई कर दी थी। कुछ लोगों ने तिल की बुवाई भी की थी। ज्यादा बारिश होने के कारण तिल की फसल पूर्व में ही खराब हो गई। अब खेतों में पानी भर जाने से मूंग, उरद, मूंगफली और अरहर की फसल के बर्बाद होने का खतरा बढ़ गया है। इससे किसान के सामने एक बार फिर आर्थिक संकट का खतरा मंडराने लगा है।

किसान रघुवीर, बृजेंद्र सिंह, गयाप्रसाद, भइयादीन, राजकुमार, केदारनाथ, जगदीश, शंकरलाल, मंगलिया सहित एक दर्जन से ज्यादा किसानों ने बताया कि उनकी 200 एकड़ में बोई गई खरीफ की फसल पानी भर जाने से बर्बाद हो गई है।
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