फोटो 18 एमएएचपी 16 परिचय-जिला अस्पताल के जन औषधि केंद्र में पसरा सन्नाटा। संवाद
- फोटो : दोबारा बनवाई गई कोटमुबारकपुर से खड़खड़ापुरवा जाने वाली सड़क।
महोबा। मरीजों को सस्ती दर पर दवाएं उपलब्ध कराने की योजना डॉक्टरों की मनमानी के चलते परवान नहीं चढ़ पा रही है। जिला अस्पताल में इलाज के लिए आने वाले मरीजों को डॉक्टर बाहर की दवाएं लिख रहे हैं। कुछ मरीजों के जन औषधि केंद्र से दवा खरीदने पर डॉक्टर उन्हें वापस करा देते हैं। ऐसे में जन औषधि केंद्र में प्रति दिन सिर्फ 20 से 25 मरीज ही पहुंच रहे हैं जबकि जिला अस्पताल के सामने संचालित मेडिकल स्टोरोंं में पूरे दिन मरीजों की भीड़ नजर आ रही है।
जिला अस्पताल की ओपीडी में प्रतिदिन एक हजार से अधिक मरीज इलाज के लिए पहुंचते हैं। शासन के निर्देश पर मरीजों को सस्ती दर पर दवाएं मुहैया कराने के लिए जिला अस्पताल परिसर में ही जनऔषधि केंद्र स्थापित किया गया है। विभागीय अधिकारियों की ओर से डॉक्टरों को निर्देश दिए गए हैं कि जो दवाएं अस्पताल में मौजूद न हो और जरूरत पड़ेत तो मरीजों को जनऔषधि केंद्र की दवाएं लिखी जाएं। बावजूद इसके डॉक्टर मरीजों को बाहर मेडिकल स्टोरों में मिलने वाली दवाएं लिख रहे हैं। जिससे मरीजों की दवाएं खरीदने में ज्यादा कीमत अदा करनी पड़ रही है।
जिला अस्पताल में इलाज के लिए पहुंचे मरीज व तीमारदार श्याम, दिलीप, प्रमोद, रोहित आदि ने बताया कि डॉक्टर जनऔषधि केंद्र की दवाएं नहीं लिख रहे। बाहर की दवाएं लिख देते हैं। ऐसे में यदि कोई मरीज जनऔषधि केंद्र से दवाएं लेकर दिखाने के लिए डॉक्टर के पास पहुंचता है तो वह दवाएं वापस कर बाहर की दवाएं लेने के लिए कहते हैं। बाहर की दवाएं कमीशन के चलते यह खेल हो रहा है। उधर, जनऔषधि केंद्र के एरिया मैनेजर अभिषेक का कहना है कि केंद्रों में 150 से 180 प्रकार की अलग-अलग दवाएं उपलब्ध हैं। जिला अस्पताल के जन औषधि केंद्र में सभी प्रकार के सॉल्ट की पर्याप्त दवाएं मौजूद हैं। प्रतिदिन जिला अस्पताल के जनऔषधि केंद्र पर 20 से 25 मरीज ही दवाएं लेने आ रहे हैं।