बुंदेलखंड में बूंद बूंद पानी के लिए तरस रहे बुंदेलों की दयनीय दशा से द्रवित जल पुरुष राजेंद्र सिंह ने बुंदेलखंड की धरती से जल सत्याग्रह शुरू करने की हुंकार भरी। साथ ही जल सत्याग्रह आंदोलन से छात्र-छात्राओं को जोड़ने के लिए जल सत्याग्रह समूह खड़ा किया जाएगा। उन्होनेे कहा यदि जल्द कारगर कदम न उठाए गए तो बुंदेलखंड में लातूर जैसा हालात पैदा हो सकते हैं।
एक साल से सूखे पड़े मदन सागर सरोवर को देखने बुधवार को शहर आए जल पुरुष राजेंद्र सिंह जिले में पानी का गंभीर संकट भी देखा। उन्होने देखा लोग बूंद-बूंद पानी के लिए तरस रहे हैं तो कहीं पुलिस की मौजूदगी में लोगों को पानी दिया जा रहा है। इसके मद्देनजर राजेंद्र सिंह ने बुंदेलखंड की धरती पर जल सत्याग्रह शुरू करने का एलान कर दिया। आंदोलन से छात्र-छात्राओं को जोड़ने के लिए जल सत्याग्रह समूह बनेंगे।
उन्होेने मदन सागर के किनारे जमा लोगों को संबोधित करते हुए कहा तालाबों का सीमांकन कराने, खुदाई कराने और तालाबों को अतिक्रमण से मुक्त कराना शासन- प्रशासन की जिम्मेदारी है। तालाबों की जमीन को बचाने के बचाए उस पर अतिक्रमण हो रहा है। ऐसे में भूजल भंडार बचाने की जरूरत है। उन्होेने कहा नदियां, तालाब और सरोवर भी जल स्रोत हैं।
इन्हें शोषण से बचाने के लिए प्रदेश सरकार पर दवाब डाल कानून बनवाया जाएगा। कहा जल प्रवाह बनाए रखने के साथ नदियों को जीवित रखना सरकार की जिम्मेदारी है। उधर मां चंद्रिका महिला महाविद्यालय में मीडिया से बातचीत में जल पुरुष ने कहा वह बुंदेलखंड में सूखा संबंधी डाटा जुटा रहे हैं। महारष्ट्र से मिलती जुलती बुंदेलखंड की भी समस्या है। यदि जल्द कारगर कदम नहीं उठाए गए तो लातूर जैसी स्थिति बुंदेलखंड में भी हो सकती है।