शासन के निर्देश पर अब वर्षा जल को संरक्षित किया जाएगा। जिले की प्रत्येक ग्राम पंचायत में ग्राम सभा की बैठक होगी। जिसमें आसपास के तालाबों, पोखरों में वर्षा जल एकत्रित करने के लिए रणनीति बनाई जाएगी। सभी को जागरूक किया जाएगा। इसके लिए जिलाधिकारी ने ग्राम पंचायतों में नोडल व जोनल अधिकारियों की तैनाती की है।
जिलाधिकारी सहदेव ने बताया कि बुंदेलखंड में पानी की समस्या है। सूखे के हालातों से जूझ रहे लोगों को बारिश का पानी संरक्षित करना होगा। शासन ने जल संरक्षण को जन आंदोलन बनाते हुए बारिश के पानी को संरक्षित करने के आदेश दिए है। इसके लिए प्रत्येक ग्राम पंचायत में बैठक कराई जाएगी। जिसका उद्देश्य खेत का पानी खेत में और गांव का पानी गांव में संचयित किया जा सके। बैठक में जल संरक्षण पर परिचर्चा व कार्ययोजना भी तैयार की जाएगी। जिसका फीडबैक फोटो व वीडियोग्राफी सहित नामित नोडल अधिकारी को मुहैया कराया जाएगा। जिसे शासन स्तर पर भेजा जाएगा।
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इन्हें सौंपी गई जिम्मेदारी
जिलाधिकारी ने बताया कि न्याय पंचायत कबरई देहात में जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, सुरहा में उपायुक्त स्वत: रोजगार, पहरा में जिला समाज कल्याण अधिकारी, मकरबई में जिला कार्यक्रम अधिकारी, पसवारा में उपनिदेशक कृषि, सिजहरी में जिला पूर्ति अधिकारी, धरौन में जिला कृषि अधिकारी, श्रीनगर में भूमि संरक्षण अधिकारी, पचपहरा में वन क्षेत्राधिकारी, कहरा में अपर मुख्य अधिकारी, चिचारा में सहायक अभियंता ग्राम अभियंत्रण, गौरहारी में भूमि संरक्षण अधिकारी समेत सभी न्याय पंचायतों में नोडल अधिकारी नामित किए गए है। साथ ही महोबा, चरखारी व कुलपहाड़ एसडीएम को जोनल अधिकारी बनाया गया है।