महाकौशल एक्सप्रेस ट्रेन दुर्घटना की जांच शुरू हो गई है। परिचालन विभाग के इंस्पेक्टर ने शनिवार को दुर्घटना स्थल का जायजा लिया। जांच टीम ने दुर्घटना का कारण निर्माणाधीन पुल पर शंका जताई। उधर, मंडलीय रेल प्रबंधक द्वारा की जा रही एक अन्य जांच में छह लोगों को बयान दर्ज कराने के लिए डीआरएम से झांसी बुलाया है।
हादसे के बाद डीआरएम झांसी ने जांच के बावत बयान दर्ज करने के लिए सब स्टेशन मास्टर कुलपहाड़ साेंम पांडेय, प्वाइंस मैन रमेश कुमार सोनी, महेंद्र सिंह, वीर सिंह, अजीत, चंद्रगुप्त मौैर्या और ब्रजभान यादव को जांच के बावत बयान दर्ज कराने के लिए झांसी बुलाया है। स्लीपर बदलने का कार्य आज भी जारी रहा। दूसरी तरफ बेहद धीमी गति से ट्रेनों को गुजारा जा रहा है।
महाकौशल एक्सप्रेस के सबसे पीछे के डिब्बे में 10 टन रेलवे का तार रखा था। नवनिर्मित पुल होने ऊपर से ट्रेन के पीछे वाले डिब्बे में करीब दस टन वजन होने के कारण पुल से ट्रेन गुजरने के कारण जंप लेने के भी कयास लगाए जा रहे हैं।