महोबा। जनपद में संचालित सरकारी और निजी संस्थाओं में आंतरिक परिवाद समिति का गठन किया जाएगा। सभी सरकारी, अर्द्धसरकारी, निजी संस्थाओं, महाविद्यालयों, अस्पतालों, बैंकों, होटल, रेस्टोरेंट व प्रतिष्ठानों में कार्यस्थल पर महिलाओं के लैंगिग उत्पीड़न अधिनियम-2013 के तहत आंतरिक परिवाद समिति (आईसीसी) का गठन अनिवार्य रूप से करने के निर्देश दिए गए हैं। जिला प्रोबेशन अधिकारी हर्षवर्धन नायक ने बताया कि 10 या उससे अधिक कर्मचारियों वाले प्रत्येक संस्थान में आंतरिक परिवाद समिति का गठन किया जाना आवश्यक है। समिति का गठन न करने पर पहली बार 50 हजार रुपये और दूसरी बार एक लाख रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है। इसके बाद भी समिति का गठन न होने की स्थिति में संबंधित संस्था का पंजीकरण निरस्त करने की कार्रवाई की जा सकती है। संवाद